लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को एमएसएमई कान्क्लेव-2016 का आयोजन किया गया। इस कॉन्क्लेव के आयोजन में चंडीगढ़ प्रशासन की भी विशेष भागीदारी रही है। कॉन्क्लेव में चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारियों ने भी शिरकत की। चंडीगढ़ के कुछ उद्यमियों को भी एमएसएमई अवॉर्ड से नवाजा गया।
कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि 2015 की इंडस्ट्रियल पॉलिसी में एमएसएमई पर चंडीगढ़ प्रशासन का काफी फोकस है। लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए यूटी प्रशासन की ओर से कई प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
इससे लघु उद्योग शुरू करने के इच्छुक युवाओं को लाभ मिलेगा। कार्यक्रम में पहुंचे एडीसी कशिश मित्तल और स्मार्ट सिटी के नोडल अफसर दानिश अशरफ ने अमर उजाला के इस प्रयास को सराहा। साथ ही आगे भी इस तरह के प्रयास जारी रखने का आह्वान किया।
दानिश अशरफ ने कहा कि उद्योग से जुड़ी समस्याओं को निपटाने के लिए प्रशासन प्रयासरत है, साथ ही उद्योगपतियों को भी खुद आगे आना चाहिए। इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने के साथ उसको संभालना भी जरूरी है। इंडस्ट्रियल एरिया को सुंदर बनाने के लिए उद्योगपतियों को अपनी इंडस्ट्री के आसपास खुद ख्याल रखने की जिम्मेदारी उठानी चाहिए।
एडीसी कशिश मित्तल ने कहा कि अमर उजाला की ओर से एमएसएमई कॉन्क्लेव शुरू करना एक बेहतरीन प्रयास है। ऐसे प्रयासों से रोजगार बढ़ेंगे। युवाओं में अपना उद्योग लगाने का हौसला पैदा होगा।
उधर, कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे पंजाब यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस) के प्रो. एसके चड्ढा ने अमर उजाला के इस प्रयास को सराहा और कहा कि शहर में युवाओं के लिए एमएसएमई के तहत अधिक से अधिक अवसर मिलेंगे।