चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने पेंशनरों के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) को अपना लिया है। इससे प्रशासन से सेवानिवृत्त हुए कई कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। पिछले काफी समय से उनकी तरफ से इसकी मांग की जा रही थी जो अब पूरी हो गई है। प्रशासन के वित्त विभाग की तरफ से बुधवार को सभी विभागों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया।
केंद्र सरकार के सभी कर्मचारी जो केंद्रीय सिविल एस्टीमेट से वेतन प्राप्त करते हैं, वे पॉलिसी के विभिन्न लाभों और सुविधाओं के हकदार होते हैं। इसके अलावा पेंशनभोगी और केंद्र सरकार के पेंशनरों के परिवारों को भी इसका लाभ मिलता है। यूटी प्रशासन ने एक अप्रैल 2022 को केंद्रीय सेवा नियम को अपना लिया था लेकिन पेंशनभोगियों के लिए सीजीएचएस को नहीं अपनाया था। इसे लेकर कर्मचारी पिछले काफी समय से अधिकारियों से मिल रहे थे और केंद्र सरकार को पत्र लिख रहे थे।
बुधवार को प्रशासन की तरफ से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि जो भी कर्मचारी एक अप्रैल 2022 को या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए हैं, वह इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें 31 अक्तूबर से पहले खुद को सीजीएचएस स्कीम में पंजीकरण करना होगा। दरअसल, सीजीएचएस के तहत लाभार्थियों का एक कार्ड बनाया जाता है और वो किसी भी बड़े हॉस्पिटल में जा कर अपना इलाज मुफ्त करवा सकता है।
यह योजना अस्पताल में भर्ती होने के खर्च, चिकित्सा उपचार, ऑपरेशन और डॉक्टर के पर्चे की दवाओं के लिए भी भुगतान करती है। सीजीएचएस के तहत सरकारी और निजी अस्पतालों में ओपीडी और इनडोर दोनों तरह के उपचार प्रदान किए जाते हैं। सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में स्वास्थ्य जांच की जा सकती है। अनुमति प्राप्त करने के बाद श्रवण यंत्र, कृत्रिम अंग, उपकरण आदि की खरीद के लिए किए गए खर्चों की भी प्रतिपूर्ति की जाती है।