अमेरिका अंबेसडर राहुल रिचर्ड वर्मा वीरवार को बस्तियात के चायआम मोहल्ले में अपनी नानी के पुराने घर को देखने पहुंचे। करीब 35 साल बाद यहां आए रिचर्ड घर को देख काफी खुश हुए। करीब चार मरले में बने घर रिचर्ड की नानी माया देवी से गुप्ता परिवार ने खरीद लिया था।
घर को तोड़कर नया रूप में दे दिया गया है। रिचर्ड गुप्ता परिवार के पास कुछ देर रुके और परिजनों से बातचीत की। इस दौरान रिचर्ड ने मीडिया वालों से दूरी बनाए रखी। नानी का घर देख कर सिर्फ यही बोला कि आई एम ग्रेटफुल। इसके अलावा उन्होंने मीडिया से बातचीत नहीं की।
गुप्ता परिवार के अनुसार रिचर्ड ने उनको बताया कि पहले यह घर कच्चा था और इसकी दीवारें छोटी-छोटी होती थी। गली के आगे एक बर्फ बेचने वाला होता जिससे बर्फ लेकर खाते थे। उनकी नानी माया देवी घर बेचकर दिल्ली में सैटल हो गई थी। इससे पहले मोहल्ला निवासियों ने ढोल और बैंडबाजे के साथ रिचर्ड का स्वागत किया।
नानी के घर से निकले रिचर्ड मोहल्ले में स्थित श्री राम करियाना स्टोर में भी गए। उन्होंने दुकान में बैठे श्रीराम छाबड़ा को बताया कि जब वह सात साल की उम्र में नानी के घर आए थे तो उनकी दुकान से खाने का सामान लिया करते थे।
रिचर्ड दुकान से टाफी और चाकलेट लेने वाले थे लेकिन लोगों के जमावड़ा अधिक होने पर वह लौट गए। 60 साल से करियाना स्टोर चलाने वाले 82 वर्षीय श्रीराम छाबड़ा ने कहा कि कुछ माह पहले कुछ विदेशी लोग रिचर्ड की नानी का घर पता करने के लिए उनके पास आए थे, तब उन्होंने माया देवी के पुराने घर के बारे में उन्हें बताया था।