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Chandigarh News: पीयू में ओबीसी आरक्षण के लिए हंगामा, सात हिरासत में

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चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सोमवार को ओबीसी आरक्षण के लिए विद्यार्थियाें ने प्रदर्शन किया। इस दाैरान माहाैल गरमा गया। विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया और अंदर जाने की कोशिश की। इस दाैरान पीयू प्रबंधन और विद्यार्थियों के बीच हुई धक्का-मुक्की को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने सथ संगठन के सात छात्र नेताओं को हिरासत में लिया और घटना पर डीडीआर फाइल की।
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पिछले 15 दिन से सथ छात्र संगठन के विद्यार्थी कुलपति कार्यालय के बाहर ओबीसी व पंजाब की आरक्षण नीति लागू करने की मांग कर रहे हैं। इस पर विद्यार्थियों ने सोमवार को कुलपति कार्यालय के घेराव का आह्वान किया। करीब 11 बजे विद्यार्थियों ने कार्यालय के बाहर एकत्र होकर भाषणबाजी की और मांगें रखीं। प्रदर्शन स्थल पर बात न बनने पर विद्यार्थियों ने करीब 12 बजे कार्यालय के दूसरे गेट की ओर रुख किया और अंदर जाने के लिए पुलिस के साथ भिड़ गए। मौके पर तैनात पीयू सुरक्षाकर्मी, चंडीगढ़ पुलिस और विद्यार्थियों के बीच झड़प हुईए जिस पर सात छात्र नेताओं को हिरासत में लिया।
कार्यालय के अंदर कॅरिअर एडवांसमेंट स्कीम के तहत प्रोफेसरों के इंटरव्यू चल रहे थे। प्रबंधन ने विद्यार्थियों को पीयू की कार्यकारिणी में दखल देने के लिए उनकी निंदा की। सात विद्यार्थियों को पुलिस सेक्टर-11 थाना ले गई, जहां सभी के फोन लेकर स्विच ऑफ कर दिए। हिरासत में लिए छात्रों में शामिल दर्शप्रीत ने बताया कि उन्हें साढ़े पांच बजे के करीब थाना से छोड़ दिया और प्रबंधन के साथ बैठक के लिए बुलाया। दर्शप्रीत ने कहा कि उनका पीयू में पंजाब आरक्षण नीति लागू करने के लिए 24 घंटे चल रहा प्रदर्शन जारी रहेगा। वह पंजाब सरकार और सीनेट सदस्यों से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे। इन सात विद्यार्थियों में दर्शप्रीत, अशमीत, अर्शदीप सिंह, धर्मपाल सिंह, रिमलजोत, गुरविंदर सिंह और नवप्रीत सिंह शामिल रहे। सेक्टर-11 थाना एसएचओ मलकीत सिंह ने डीडीटार फाइल करने की पुष्टि की।
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छात्र संगठनों ने किया विद्यार्थियों को हिरासत में लेने का खंडन : पीयू के छात्र संगठनों ने विद्यार्थियों को हिरासत में लेने और प्रदर्शन स्थल पर अत्यधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती का विरोध किया। पीएसयू ललकार ने पुलिस के पीयू में बनाए जा रहे दबाव का विरोध किया और कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस में लोकतांत्रिक मत को कम करने की कोशिश कर रही है। घेराव के बाद पुलिस द्वारा सभी विद्यार्थियों के नाम, फोन नंबर आदि जानकारी मांगने पर एसएफएस ने उनका विराेध किया और पीयू प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
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