जालंधर स्थित दोआबा अस्पताल में एक बच्चे की मौत पर जमकर हंगामा हुआ। पिता का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे की मौत कोरोनावायरस से होना बताया। वहीं डॉक्टर ने कोरोनावायरस का नाम लेने से इनकार करते हए वायरल से मौत होने की बात कही। परिजनों ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे की मौत गलत इंजेक्शन लगने से हुई है। गुस्साए परिजनों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
बच्चे के पिता कृष्णा ने अस्पताल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका 13 वर्षीय बेटे अर्जुन को उल्टियां होने के कारण रविवार को दोआबा अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। बेटा पहले से काफी ठीक हो गया था। मंगलवार की को फिर से उल्टियां करने लगा और अस्पताल के डॉक्टर ने उसे इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की हालत और बिगड़ गई व कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता कृष्णा ने यह भी आरोप लगाया कि मौत के बाद जब परिजन इकट्ठे होकर चिकित्सक के पास गए तो डॉक्टर ने कहा कि कोरोनावायरस के कारण मौत हुई है। जब इस संबंध में अस्पताल के डॉक्टर आशुतोष गुप्ता से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी से कोरोनावायरस की बात नहीं की। बच्चे की मृत्यु शरीर में वायरल के कारण हुई है, न की कोरोनावायरस की वजह से हुई है। उनके ऊपर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वह निराधार है।