यूपी बोर्ड पर स्थित मंगलौरा चौकी के समीप भाई-बहन मंदिर में दो पुजारियों सहित चार लोगों की हत्या और एक व्यक्ति को घायल करने के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य बदमाशों की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के सदस्यों ने रेकी के बाद लूटपाट के लिए वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि, पुलिस गिरफ्तार किये पांच बदमाशों के नामों का खुलासा नहीं किया है।
पुलिस का कहना है कि सभी के नाम मिल गए हैं, लेकिन क्या उनके नाम व पते सही हैं या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। काबू किए गए बदमाश एक समुदाय विशेष से हैं और अलग-अलग भाषा बोलते हैं। इस गिरोह के अन्य साथियों ने यूपी के ओरिया, रुड़की, उत्तराखंड के नैनीताल, पंजाब के नवाशहर, राजस्थान, मध्यप्रेदश में डेरे व मंदिरों में घुसकर लूटपात के बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। मंगलवार को इस मामले में एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने प्रेसवार्ता करके ये जानकारी दी।
मंदिर व डेरे निशाने पर : पहले रेकी, फिर नशे में देते हैं वारदात को अंजाम
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के 80 से 90 सदस्य हैं, जो अलग-अलग जगहों पर 7 से 8 लोगों के ग्रुप में वारदात को अंजाम देते हैं। आशंका है कि फिलहाल ये गिरोह यूपी के कन्नौज जिले के आसपास से ऑपरेट हो रहा है। इस गिरोह ने 6 प्रदेशों में डेरों व मंदिरों में वारदात को अंजाम दिया है। इस गिरोह में पैदल चलने की क्षमता बहुत अधिक है।
पहले यह गिरोह डेरे व मंदिर की रेकी करते हैं कि मंदिर व डेरे पर कितने व्यक्ति रहते हैं। इसके बाद यह यह गिरोह एक पिकअप गाड़ी को दो से तीन किलोमीटर दूर खड़ी कर देते हैं, जहां इन्होंने वारदात को अंजाम देना है। वहां से ये सदस्य पैदल आते हैं और वारदात को अंजाम देने से पहले शराब पीते हैं और जब रात के 12 बजे जाते हैं तो मंदिर व डेरे में घुसकर सो रहे लोगों के हाथ पांव बांध देते हैं। दो व्यक्ति सामान लूटते हैं और बाकी के व्यक्ति डंडे लेकर सोते हुए लोगों के पास खड़े हो जाते हैं। जैसे ही कोई जागता है तो उसके सिर पर तुरंत डंडे से वार कर उसे घायल कर देते हैं। फिर सामान लूट कर पैदल ही गाड़ी तक जाते हैं और फरार हो जाते हैं।