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Chandigarh: फ्री होल्ड के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में दिया एफिडेविट, मांगा तीन माह का समय

Thu, 15 Sep 2022 02:00 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

यूटी प्रशासन की ओर से मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को एक्शन टेकन रिपोर्ट भी सौंपा है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने विभिन्न हितधारकों से चर्चा करके फ्री होल्ड करने के कुछ सुझाव भी तैयार किए हैं।
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चंडीगढ़ ओपन हैंड - फोटो : file photo
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विस्तार
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चंडीगढ़ की व्यावसायिक और इंडस्ट्रियल लीज होल्ड संपत्तियों को फ्री होल्ड करने का मामला सुप्रीम कोर्ट में है। कोर्ट ने 16 सितंबर तक इस मामले में उचित फैसला लेने को कहा था। बुधवार को यूटी प्रशासन की ओर से केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में एक एफिडेविट देकर तीन महीने का समय मांगा। साथ ही केंद्रीय गृह सचिव को व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होने के आदेश से राहत देने की भी मांग की।

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यूटी प्रशासन की ओर से मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट को एक्शन टेकन रिपोर्ट भी सौंपा है जिसमें कहा गया है कि उन्होंने विभिन्न हितधारकों से चर्चा करके फ्री होल्ड करने के कुछ सुझाव भी तैयार किए हैं। पिछली सुनवाई 29 अगस्त को हुई थी, जिसमें यूटी प्रशासन ने एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें प्रशासन ने फ्री होल्ड होने पर पांच नुकसान गिनाए थे। शीर्ष अदालत ने सभी को ठीक नहीं माना और तीन हफ्ते में उचित फैसला लेने के आदेश दिए थे। साथ ही ऐसा नहीं होने पर केंद्रीय गृह सचिव एके भल्ला को कोर्ट में पेश होने को कहा था।

इस मामले में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि लीज होल्ड से फ्री होल्ड के लिए प्रशासन ने मंत्रालय को आग्रह किया है। अब उन्हें ही आखिरी फैसला लेना है। प्रशासन ने सभी तरह के दस्तावेजों को सौंप दिया है।

दिल्ली में धर्मपाल और मंत्रालय के अधिकारियों की हुई बैठक

कुछ दिन पहले दिल्ली में प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। इससे पहले पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने भी यूटी सचिवालय में इस मुद्दे पर एक प्रेसवार्ता की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह पहले दिन से संपत्तियों को फ्री होल्ड कराने के पक्ष में हैं तभी उन्होंने गृह मंत्रालय को इसका प्रस्ताव भेजा। कहा कि चंडीगढ़ के विकास के लिए संपत्तियों का फ्री होल्ड होना जरूरी है। फ्री होल्ड होने से लोगों के अंदर भी भावना आएगी कि संपत्ति उनकी है। उद्योग आगे बढ़ेंगे।

चंडीगढ़ में लीज होल्ड संपत्ति

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