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बजट से पंजाब की पारंपरिक खेती को निराशा, अर्थशास्त्री बोले- 2022 तक कैसे दोगुनी होगी किसानों की आय

Tue, 02 Feb 2021 01:27 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बजट 2021: प्रोफेसर सतीश वर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब में पारंपरिक खेती करने वाले किसानों को केंद्रीय बजट से निराशा हाथ लगी है। किसान आंदोलन के बीच किसान पारंपरिक खेती के क्षेत्र में विशेष पैकेज मिलने की आस लगाए हुए थे लेकिन केंद्रीय बजट में इसको लेकर कोई प्रावधान नहीं किया गया। अर्थशास्त्री और कृषि मामलों के जानकार भी अब केंद्र के 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

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पंजाब में वर्ष 2018-19 के दौरान कुल 78.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती हुई। इसमें 35.20 लाख हेक्टेयर में गेहूं और 31.03 लाख हेक्टेयर में धान की खेती शामिल थी। कुल रकबे में 85 प्रतिशत कृषि भूमि पर केवल धान व गेहूं की खेती हुई। यही हाल 2019-20 में भी रहा। यानी पंजाब में मात्र 15 प्रतिशत कृषि भूमि पर ही किसानों ने पारंपरिक फसलों की पैदावार की। लगातार केंद्रीय बजट में पारंपरिक खेती को लेकर केंद्रीय स्तर पर अनदेखी की जा रही है। इससे पंजाब को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। 

धान की खेती में पानी की खपत अन्य फसलों के मुकाबले अधिक होने के कारण पंजाब में जल स्तर में साल दर साल काफी कमी आ रही है। इससे भविष्य में राज्य में जल संकट गहराने की संभावना बनी है। साथ ही फसल के बाद पराली जलाने के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे पंजाब सहित आसपास के राज्यों में खासकर दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या बढ़ जाती है। ऐसे में पंजाब सरकार सहित यहां के स्थानीय किसान भी केंद्रीय बजट में पारंपरिक खेती को लेकर खासे आशान्वित थे लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।

सरकार के पास किसानों के लिए निराशा के अलावा कुछ नहीं है। केंद्र सरकार हर क्षेत्र में उद्यमियों को शामिल कर रही है, लगभग हर क्षेत्र में ही दोनों के बीच गठजोड़ बन गया है। जितनी भी फसलें हैं उन पर लाभकारी एमएसपी और उस मूल्य पर खरीद की गारंटी नहीं होगी तो किसानों की आय कभी भी दोगुनी नहीं हो पाएगी। - सुखदेव सिंह कोकरी कलां, महासचिव, भाकियू एकता (उगराहां)।

 

2018-19 में नीति आयोग के एक नोटिफिकेशन में कहा गया था कि किसानों की आय को बढ़ाने के लिए देश की कृषि ग्रोथ 10 प्रतिशत से अधिक करनी होगी लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इस संबंधी कोई भी कदम नहीं उठाया गया है। अब केंद्र के 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। - प्रोफेसर सतीश वर्मा, चेयर प्रोफेसर, आरबीआई।

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