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मोदी सरकार-2 का आम बजटः पंजाब में बड़े उद्योगपति खुश, छोटे कारोबारी क्यों हैं निराश, पढ़ें

Sat, 06 Jul 2019 01:09 AM IST
ajay kumar वरिन्दर राणा, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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जगबीर सिंह सोखी और हरीश केयरपाल - फोटो : अमर उजाला
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मोदी सरकार-2 का आम बजट शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मल सीतारमण ने पेश कर दिया। इससे छोटे कारोबारियों में निराशा है। हालांकि बड़े उद्योगपति इस बजट की सराहना कर रहे है।

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लुधियाना के कारोबारियों को उम्मीद थी कि सरकार आयात पर टैरिफ में बढ़ोतरी करेगी और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कारोबारियों के लिए कुछ नई नीति पेश करेगी। उम्मीद के मुताबिक कारोबारियों को कुछ नहीं मिल सका। वहीं पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस लगाने को कारोबारी ठीक नहीं समझ रहे। 

इस बजट में सरकार ने कारोबारियों को 59 मिनट में एक करोड़ लोन देने की बात दोहराई है। कारोबारियों की माने तो सरकार बताए कि आखिरकार कितने कारोबारियों को यह लोन मिल चुका है। अगर कोई कारोबारी इस लोन के लिए आवेदन भी करता है तो उसे लोन नहीं मिल रहा है।
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बैंक यह लोन देने के लिए तैयार नहीं है। अगर एक करोड़ लोन लेने वाला कारोबारी इसे चुका नहीं पाया तो इसकी जिम्मेदारी लोन जारी करने वाले मैनेजर की होगी। ऐसे में कोई बैंक अधिकारी इस पचड़े में नहीं फंसना चाहता। 

निर्यात को बढ़ावा देने को कुछ नहीं

एसके राय और कोमल कुमार जैन - फोटो : अमर उजाला
लुधियाना होजरी का हब माना जाता है। इस समय बाजार में चीन और बांग्लादेश का माल भरा पड़ा है। सरकार ने इन पर कोई आयात टैरिफ नहीं बढ़ाया है। देश की इकॉनमी तभी बढ़ेगी जब निर्यात को बढ़ावा दिया जाता है। इस बजट से कारोबारियों को सिर्फ निराशा मिली है। -हरीश केयरपाल, वित्तसचिव निटवियर क्लब

एमएसएमई के लिए कोई राहत नहीं
सरकार ने इस बजट में एमएसएमई इंडस्ट्री के लिए कोई राहत नहीं दी है। सरकार 59 मिनट में लोन देने की बात कर रही है लेकिन बैंक लोन देने के लिए तैयार नहीं है। अगर किसी व्यक्ति को 20 लाख लोन चाहिए तो उसे 5 लाख लोन की अप्रूवल मिलती है। ऐसे में एमएसएमई इंडस्ट्री कहां बढ़ेगी। सीधे शब्दों में कहे तो कारपोरेट घरानों के एनपीए का खामियाजा छोटे कारोबारियों को चुकाना पड़ रहा है। -जगवीर सिंह सोखी, प्रधान स्यूइंग मशीन डेवलपमेंट क्लब

कंपनियों के लिए फायदेमंद बजट 
केंद्र सरकार ने अपने बजट में अब 400 करोड़ रुपये तक टर्नओवर करने वाली कंपनियों पर 25 फीसदी कॉरपोरेट टैक्स लगाने का फैसला फायदेमंद है। पहले 250 करोड़ तक टर्नओवर वाली कंपनी को 25 फीसदी टैक्स देना पड़ता था। इससे ज्यादा टर्नओवर पर 30 फीसदी टैक्स लगता था। वहीं सरकार ने श्रम कानून और फैक्ट्री एक्ट में बदलाव करने का फैसला सराहनीय है। ओवरऑल अच्छा बजट है। - कोमल जैन, चेयरमैन ड्यूक फैशन लिमिटेड
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इलेक्ट्रिकल व्हीकल और पर्यावरण को लेकर अच्छी पहल

ओंकार सिंह पाहवा और मोहिंदर अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए इलेक्ट्रिकल व्हीकल एक अच्छा विकल्प है। सरकार ने अपने बजट में इसके लिए अच्छी पहल की है। सरकार ने आय को दोगुना करने की बात कही है। अगर आय में थोड़ी भी बढ़ोतरी होती है तो यह एक अच्छा कदम होगा। इससे व्यक्ति की खरीद पॉवर बढ़ेगी और इसका फायदा इंडस्ट्री को होगा। -एसके राय, वाइस चेयरमैन हीरो साइकिल्स

देश के लिए अच्छा बजट
यह देश के लिए अच्छा बजट साबित होगा। कॉरपोरेट टैक्स में जिस तरह से बदलाव किया है। यह कारोबारियों और देश दोनों के हित में है। इस बजट से एमएसएमई को भी फायदा होगा। बैंकों को 70 हजार करोड़ का जो फायदा देने की बात कही गई है। इसी से 59 मिनट में लोन मिलेगा। -ओंकार सिंह पाहवा, मैनेजिंग डॉयरेक्टर, एवन

बजट बिजनेस के लिए अच्छा है लेकिन पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी और सेस लगाना सरासर गलत है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। हालांकि सरकार ने पहले तेल के रेट को अंतरराष्ट्रीय मार्केट के साथ जोड़ रखा है। इसके बाद यह टैक्स थोपना ठीक नहीं है। वही 1.5 करोड़ टर्नओवर वाले कारोबारियों को पेंशन देने की योजना सभी के लिए होनी चाहिए। इसमें टर्नओवर का सवाल खड़ा नहीं करना चाहिए। -मोहिंदर अग्रवाल, प्रदेश सचिव पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल
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