मोहाली। मास्टर कैडर और लेक्चरर पदों पर भर्ती की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे बीएड-टेट पास बेरोजगार अध्यापकों ने बुधवार को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। चंडीगढ़ की ओर कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने मोहाली -चंडीगढ़ बॉर्डर पर रोका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बेरीकेड्स तोड़कर आगे निकल गए जिन्हें बाद में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बेरोजगार अध्यापकों ने सरकार पर भर्ती प्रक्रिया को जानबूझकर लटकाने और लगातार झूठे आश्वासन देने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की और वित्त मंत्री एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कराने का भरोसा दिया। प्रशासन ने 9 जून को पैनल बैठक आयोजित कर मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।
हालांकि बेरोजगार अध्यापकों ने स्पष्ट किया है कि यदि 9 जून की बैठक में उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 16 जून को एक बार फिर बड़ी संख्या में बेरोजगार अध्यापक चंडीगढ़ पहुंचकर सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे। संगठन ने कहा कि जब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जसवंत घुबाया ने कहा कि सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है, जमीनी स्तर पर कार्रवाई नहीं हो रही। सरकार द्वारा मास्टर कैडर भर्ती का प्रचार सोशल मीडिया पर किया जा रहा है, लेकिन नई भर्तियों को लेकर कोई स्पष्ट कदम नहीं उठाया गया। बेरोजगार अध्यापक लगातार भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय नए नियम लागू कर रही है।
प्रमुख मांगें
मास्टर कैडर और लेक्चरर पदों पर भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए।
भर्ती में 55 प्रतिशत अंकों की शर्त वापस ली जाए।
सभी योग्य बीएड-टेट पास अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाए।
लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाए।