लेंटर गिरने का पता चलते ही काम कर रहे 11 मजदूर बाहर की ओर भागे लेकिन ठेकेदार आजाद और मजदूर नीतिश बीच में फंस गए। उन्होंने कहा कि पहले के दो लेंटर की शटरिंग खोले बिना तीसरे लेंटर डाले जाने के कारण हादसा हुआ है। पहली मंजिल का लेंटर डाले अभी 15 दिन ही हुए थे।
तीनों लेंटर के सरिए आपस में मिलने से बचाव कार्य में हुई देरी
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी रूपिंदर कौर सोही, एसएचओ सिटी हरजिंदर सिंह टीम के साथ पहुंचे और उन्होंने बचाव कार्य शुरू करवाया। मौके पर छह जेसीबी, तीन एंबुलेंस और दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। वहीं घटना का पता चलते ही एसपी (ग्रामीण) नवरीत सिंह विर्क भी मौके पर पहुंचे। तीन लेंटर के सरिए आपस में मिल जाने से बचाव कार्य में देरी हुई। शाम करीब शाढ़े सात बजे मजूदर नीतिश को बाहर निकाला गया। घटना में उसकी बाजू और टांग टूट गई है। इसके बाद शाम करीब आठ बजे ठेकेदार आजाद को भी निकाल लिया गया। घटना में उसके घुटने और कंधे पर चोट आई है।
लेंटर गिरने के बारे में क्या कहते हैं विशेषज्ञ
आर्किटेक्टर राजन ने कहा कि गर्मी के मौसम में 14 दिन के बाद लेंटर खोला जा सकता है। वहीं सर्दी के मौसम में लेंटर की शटरिंग करीब एक महीने बाद खोलनी चाहिए क्योंकि मौसम में नमी के कारण इसे सूखने में समय लग जाता है। इसके अलावा एक लेंटर की शटरिंग खोलने के बाद ही दूसरा लेंटर डालना चाहिए।
घटना के बाद मौके पर नहीं पहुंचा शोरूम मालिक
पुलिस प्रशासन लेंटर गिरने के कारणों की भी जांच कर रहा है। प्राथमिक जांच में देर रात तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई थी कि उक्त शोरूम का मालिक कौन है। हादसा हो जाने के बाद शोरूम से संबंधित मालिक व कोई भी अन्य व्यक्ति घटनास्थल पर नहीं पहुंचा था।
जब बिल्डिंग गिरनी शुरू हुई, तभी मजदूरों ने निकलना शुरू कर दिया था। मौके पर लोगों की सहायता से सबसे पहले ठेकेदार को निकाला गया। उसके बाद एक और मजदूर मलबे के नीचे दबा दिखाई दिया जिसके ऊपर काफी मलबा पड़ा था। उसे देखकर लग रहा था कि वह नहीं बचा होगा पर जब उसे बाहर निकाला गया तो उसकी सांसें चल रही थी। 11 मजदूर वहां पर काम कर रहे थे और मजदूरों ने बताया कि उनके सभी साथी बाहर आ चुके हैं।
- नवरीत सिंह विर्क एसपी, ग्रामीण
दो मजदूर दबे होने की सूचना मिली थी। उन्हें निकाल लिया गया है।अभी भी एनडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर मौजूद है। सभी प्रकार की जांच-पड़ताल की जाएगी और शोरूम बनाने वाले मालिक पर मामला दर्ज किया जाएगा।
- रविंदर सिंह, एसडीएम खरड़