ब्रिटेन के संसदीय चुनावों में एक बार फिर पंजाब की बल्ले-बल्ले हो गई। ऋषि सुनक समेत पंजाबी मूल के कुल 13 उम्मीदवार सांसद का चुनाव जीतने में सफल रहे, इनमें 9 सिख हैं। ज्यादातर सांसद सत्ता में आई लेबर पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते हैं।
इनमें प्रमुख नाम लेबर पार्टी के तनमनजीत सिंह ढेसी व प्रीत कौर गिल का है। प्रीत कौर गिल तीसरी बार बर्मिंघम-एडस्बेस्टन से चुनाव जीती हैं। दोनों मूल रूप से जालंधर के हैं। इन्हें पहले पगड़ीधारी सांसद व पहली महिला सिख सांसद होने का खिताब हासिल है।
तनमनजीत सिंह के चाचा परमजीत सिंह रायपुर ने यूके से बताया कि पंजाबी समुदाय के 10 लाख से अधिक वोटरों में अधिकतर ने इस बार लेबर पार्टी का साथ दिया है। इसी कारण पार्टी की बंपर जीत हुई है। ब्रिटेन में बढ़ती पंजाबियों की जनसंख्या को देखते हुए इस बार चुनावों में 20 से ज्यादा पंजाबी मूल के प्रत्याशियों को टिकट दिया गया था। 2019 में हुए आम चुनाव में भारतीय मूल के 15 सांसद जीत हासिल कर संसद पहुंचे थे। इस बार चुनाव में खास बात यह है कि सिख नेटवर्क की तरफ से तीसरा सिख चुनावी घोषणा पत्र जारी किया गया था। यही मुख्य वजह रही कि 9 सिख सांसद चुनाव जीते हैं।
पंजाबी मूल के ये प्रत्याशी जीते
तनमजीत सिंह ढेसी, प्रीत गिल, सीमा मल्होत्रा, गुरिंदर सिंह जोसन, जसबीर सिंह अठवाल, सतवीर कौर, बागी शंकर, हरप्रीत कौर उप्पल, वरिंदर सिंह जस, जीवन सिंह संधर, किरीथ एंटीवीसला, सोनिया कुमार। ऋषि सुनक का जन्म एक अफ्रीकन पंजाबी खत्री (क्षत्रिय) परिवार में इंग्लैंड के साउथैम्प्टन नामक शहर में हुआ था।
26 ब्रिटिश-भारतीय उम्मीदवारों को सफलता
जालंधर। भारतीय मूल के सांसदों की बात करें तो इस बार ब्रिटेन में 26 ब्रिटिश-भारतीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। ये उम्मीदवार लेबर और कंजर्वेटिव दोनों पार्टियों के हैं। इनमें कुछ उम्मीदवार केरल व अन्य दक्षिण भारतीय राज्यों से हैं। मौजूदा हाउस ऑफ कॉमन्स में 15 भारतीय मूल के सांसद हैं। 2024 के चुनावों में रिकॉर्ड 107 ब्रिटिश-भारतीय उम्मीदवार मैदान में उतरे थे।