यूजीसी चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश पहुंचे चंडीगढ़
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हायर एजुकेशन किसी भी देश की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में अहम है। बेशक भारत में दुनिया के सबसे अधिक 800 से अधिक डिग्री इंस्टीट्यूट और 40 हजार से अधिक कॉलेज हैं। लेकिन अब भी क्वालिटी एजुकेशन में सुधार की जरूरत है। यह विचार बुधवार को यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) चेयरमैन प्रो. वेद प्रकाश ने रखे। वह नई दिल्ली सीईसी (कंसोर्टियम ऑफ एजुकेशनल कम्युनिकेशन) और यूजीसी की ओर से आयोजित नेशनल डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन मौके पर सेक्टर-26 स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) में पहुंचे थे।
यूजीसी चेयरमैन ने कहा कि स्कूल से हायर एजुकेशन में जाने वाले युवाओं की संख्या पिछले कुछ वर्षों में 12 से 24 फीसदी तक पहुंची है, जो देश के लिए अच्छे संकेत हैं। लेकिन विजन 2020 तक इस रेशो को चीन के बराबर 40 फीसदी तक ले जाने की कोशिश है। इस मौके पर सीईसी-यूजीसी डायरेक्टर प्रो. राजबीर सिंह और एनआईटीटीटीआर डायरेक्टर डॉ. एमपी पूनिया सहित 10 से अधिक यूनिवर्सिटी के कुलपति मौजूद थे।
प्रो. वेद प्रकाश ने बताया कि हायर एजुकेशन डिग्री में ग्रामीण युवाओं का एनरोलमेंट काफी कम है। इसे बढ़ाने के लिए क्वालिटी शिक्षक तैयार करने होंगे। जो गांव से आने वाले स्टूडेंट्स के स्तर को समझ सकें और उनके स्तर को शहरी स्तर तक ला सकें। चेयरमैन ने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए होने वाले औसत खर्च को कम करना होगा। ताकि अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके। सस्ती एजुकेशन के बारे में उन्होंने बताया कि ब्रिटेन में इंजीनियरिंग की डिग्री को 4 साल से 3 और पीजी डिग्री को 2 से एक साल कर दिया है। ताकि स्टूडेंट पर पढ़ाई का बोझ कम पड़े।
सीईसी ने 30 हजार ई-कंटेंट तैयार किए : प्रो. राजबीर
सीईसी ने 30 हजार ई-कंटेंट तैयार किए : प्रो. राजबीर
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उन्होंने कहा कि हायर एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए ही प्राइवेट सेेक्टर के लिए रास्ते खोले थे। प्रो. वेद प्रकाश ने कहा कि सभी यूनिवर्सिटी के वीसी इस बात पर फोकस करें कि उनके इंस्टीट्यूट से क्वालिटी टीचर निकलें। यूजीसी चेयरमैन ने कहा कि उच्च शिक्षा को सरलता से उपलब्ध कराने के लिए यूजीसी का सीईसी सेंटर डिजिटल लर्निंग में काफी बड़े स्तर पर काम कर रहा है। आने वाला समय कैशलेस इकनॉमी का होगा। अंगूठा लगाने वाला किसान भी प्लास्टिक कार्ड का प्रयोग करेगा। प्रो. वेदप्रकाश ने हायर एजुकेशन की सफलता के लिए तीन मूल मंत्र क्वालिटी टीचर्स, रिसर्च और साधनों का बेहतर उपयोग बताया।
प्रो. वेद प्रकाश ने कहा कि अगर भारत एक समय में 20 सेटेलाइट एक साथ छोड़ने का दम रखता है तो हायर एजुकेशन के फील्ड में भी हम जल्द डेवलप देशों को पीछे छोड़ सकते हैं। हायर एजुकेशन के लिए बेहतर मॉडल तैयार करने होंगे। शैक्षणिक संस्थानों को खुद ही दिक्कतों का हल निकालना होगा। पंजाब यूनिवर्सिटी के आर्थिक हालात को लेकर यूजीसी चेयरमैन ने कोई कमेंट करने से इंकार कर दिया।
सीईसी ने 30 हजार ई-कंटेंट तैयार किए : प्रो. राजबीर
यूजीसी देश के ग्रामीण और पत्राचार से पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के लिए ई कंटेंट तैयार कर रही है। इसका सीईसी सेंटर इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। सीईसी डायरेक्टर प्रो. राजबीर सिंह ने बताया कि पिछले 3-4 वर्षों में 30 हजार से अधिक ई-कंटेंट की वीडियो बनाई जा चुकी हैं। देश के नामी प्रोफेसरों की मदद से ई-कंटेंट तैयार हो रहा है। प्रो. राजबीर के अनुसार मार्च 2017 तक इंजीनियरिंग और मेडिकल को छोड़ सभी पीजी और यूजी कोर्स का ई-कंटेंट तैयार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के डिजिटल प्रोग्राम के तहत इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जा रहा है।