चंडीगढ़। यूजीसी ने पंजाब यूनिवर्सिटी को पत्र भेजकर कहा है कि छात्रावासों में रह रहे एससी-एसटी के विद्यार्थियों का डाटा जल्द से जल्द मुहैया करवाया जाए। अब सभी छात्रावासों के वार्डन यह रिकॉर्ड तैयार करने में लगे हैं। दिक्कत यहां आ सकती है कि अभी केवल शोधार्थी ही छात्रावासों में रह रहे हैं। अन्य विद्यार्थियों को आने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में इसका पीयू को जवाब देना होगा।
हर साल यूजीसी रिकॉर्ड तैयार करती है कि एससी-एसटी के विद्यार्थियों को दिए गए आरक्षण के मुताबिक लाभ मिल रहा है या नहीं। इसकी मॉनीटरिंग समय समय पर होती है ताकि किसी का कोई अधिकार प्रभावित न हो। उसी क्रम में अब आंकड़े मांगे गए हैं। सूत्रों का कहना है कि यूजीसी को अभी यह पता चल रहा है कि पीयू विश्वविद्यालय पूरी तरह खुल गया है। विद्यार्थी आने लग गए हैं जो छात्रावास में रह रहे होंगे। इसीलिए एससी के विद्यार्थियों का डाटा जुटाया जा रहा है। हालांकि पीयू छात्रावास न खोलने का कारण यूजीसी को बताएगी।
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छात्रावासों में नहीं है एससी-एसटी विंग
छात्र कल्याण से जुड़े अफसरों का कहना है कि सभी छात्रावासों में एससी-एसटी विंग बनी हुई है, लेकिन वार्डनों से इसका पता लगाया गया तो किसी छात्रावास में यह नहीं बनी है। न ऐसा कोई ब्लॉक है और न कोई इकाई है। यह अधिकारियों ने उस सवाल का जवाब दिया था जब एससी-एसटी के लिए मंजूर हुए छात्रावास के निर्माण की रकम दूसरे छात्रावास पर लगा दी गई। उनका तर्क था कि इस वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों में विंग की सुविधा है, लेकिन हकीकत में है ही नहीं।