चंडीगढ़। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर सोमवार को बैंक स्क्वेयर के सामने प्रदर्शन किया। यूएफबीयू के कन्वीनर संजय शर्मा ने कहा कि इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन (आईबीए) के साथ वे अपनी मांगों को लेकर 21 बार चर्चा कर चुके हैं। इसके बावजूद आईबीए उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। अच्छा काम करने के बाद सभी बैंक कमाई कर रहे हैं। ऋणों की वसूली में भी सुधार किया जा रहा है, लेकिन उनकी मांगों को अभी तक माना नहीं गया है।
यूएफबीयू अधिकारियों की काफी समय से वेतन बढ़ोतरी, सप्ताह में पांच दिन काम, नई पेंशन स्कीम लागू करने और ड्यूटी का समय निर्धारित करने की मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके साथ ही वह तीसरे पक्ष के गलत उत्पादों की बिक्री, एनपीए रिकवरी और बैंकों के विलय पर विरोध जता रहे हैं।
कन्वीनर संजय शर्मा ने सरकार की निंदा की है। उन्होंने कहा कि बड़े कारपोरेट घरानों से ऋण वसूली के लिए कोई सख्त प्रावधान नहीं है। ऊपर से बैंकों का विलय किया जा रहा है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे 24 और 27 जनवरी को प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद भी कुछ फैसला नहीं आया तो 31 जनवरी और 1 फरवरी को दो दिवसीय प्रदर्शन किया जाएगा।