जनवरी व फरवरी में अपराधियों के 5298 फिंगर प्रिंट नेफिस सिस्टम से किए मैच
स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो पर है ज़िम्मेदारी, पिछले वर्ष हुई थी 12 डेड बॉडीज ट्रेस
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (नेफिस) की मदद से दो डेड बाॅडीज को पहचान मिली है। इनमें एक शव पंजाब के रहने वाले गग्गी का था वहीं, दूसरे शव की पहचान रोहतक के रहने वाले रामकिशन के रूप में हुई है। दोनों ही व्यक्तियों पर अलग अलग धाराओं में मामले दर्ज पाए गए है। बता दें कि नेफिस अपराधियों का एक विशिष्ट पहचान कोड बनाता है। प्रत्येक अपराधी का एक अलग यूनिक कोड होगा। कोड स्कैन करने के बाद डेटा को पूरी जानकारी के साथ राष्ट्रीय सर्वर पर अपलोड किया जाता है। नेफिस सिस्टम में हर उस आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति का डेटा उपलब्ध है जो किसी न किसी अपराध में या तो गिरफ्तार हुए है या फिर मामला दर्ज किया गया है। प्रदेश में अज्ञात शवों के फिंगर प्रिंट मिलान और पहचान ढूंढने की ज़िम्मेदारी स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो, हरियाणा पर है। हाल ही में प्रदेश पुलिस की स्टेट क्राइम ब्रांच ब्यूरो (एससीआरबी) की टीम ने 2 शवों की पहचान उजागर की है। इस वर्ष, मात्र 2 माह में ही प्रदेश पुलिस ने 16470 गिरफ्तार अपराधियों, अज्ञात शवों के फिंगर प्रिंट स्लिप का डेटा हरियाणा एनरोलमेंट यूजर द्वारा अपडेट किया गया। वहीं 5298 फिंगर प्रिंट का सफलतापूर्वक मिलान अपराधियों से किया गया। इसके अलावा प्रथम दो माह में अपराध वाले घटनास्थल से फिंगर प्रिंट टीम द्वारा 90 चांस प्रिंट उठाये गए। वहीं पिछले वर्ष 88000 से अधिक फिंगर प्रिंट स्लिप्स को नेफिस सिस्टम पर अपलोड किया गया। नेफिस की मदद से पिछले साल 12 अज्ञात शवों की पहचान की गई थी। स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक एडजीपी ओपी सिंह ने कहा कि नेफिस वर्ष 2022 में लांच हुआ था, जिस पर प्रदेश भर में वर्तमान में 69 वर्कस्टेशन स्थापित किए गए हैं। सभी नियुक्त अधिकारीयों को एससीआरबी द्वारा ट्रेनिंग दी जा रही है। वर्तमान में हरियाणा प्रदेश का तक़रीबन 5 लाख से अधिक फिंगर प्रिंट का डेटा नेफिस सिस्टम पर अपलोड किया गया।