मोहाली। सीआईए स्टाफ मोहाली ने फिरौती के लिए घरों और गाडिय़ों पर फायरिंग करने वाले दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुरप्रीत सिंह उर्फ कोकी निवासी गांव पड़ौल (मुल्लांपुर) और गुरदीप सिंह उर्फ गिल निवासी गिल पट्टी कोठे चंद, गांव मौड़ नाभा, जिला बरनाला के रूप में हुई है। दोनों आरोपी गैंगस्टर लक्की पटियाल के लिए काम करते थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गुरप्रीत सिंह उर्फ कोकी के खिलाफ मोहाली, बरनाला और पंचकूला में फायरिंग, लूट, झगड़ा और फिरौती के नौ मामले दर्ज हैं। वहीं गुरदीप सिंह उर्फ गिल के खिलाफ भी बरनाला और मोहाली में तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
एसपी सौरव जिंदल ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी विदेश में बैठे गैंगस्टर गौरव पटियाल उर्फ लक्की पटियाल के निर्देश पर वारदातों को अंजाम देते थे। उनका मुख्य मकसद लोगों को डराकर भारी रकम की फिरौती वसूलना था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन का रिमांड हासिल किया है ताकि उनसे और खुलासे किए जा सकें।
दोनों घटनाएं लंबे समय से अनट्रेस थीं
पुलिस के अनुसार, 31 जनवरी 2024 को मुल्लांपुर निवासी तरनजीत कौर ने शिकायत दी थी कि 29 जनवरी की सुबह उनके घर और उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की थी। उस समय उनके पति, जो प्रॉपर्टी डीलर हैं, को गैंगस्टर लक्की पटियाल की ओर से एक करोड़ रुपये की फिरौती की कॉल भी आई थी। इसी तरह 20/21 फरवरी 2024 की रात फेज-11 मोहाली में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार रात करीब 2 बजे घर के बाहर फायरिंग की आवाज आई। जब परिवार के सदस्य बाहर गए तो देखा कि उनकी गाड़ी पर गोलियां चलाई गई थीं। इस मामले में थाना फेज-11 पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आर्म्स के तहत मामला दर्ज किया था। दोनों घटनाएं लंबे समय से अनट्रेस थीं, जिनकी जांच के लिए सीआईए स्टाफ को जिम्मेदारी सौंपी गई थी।