सभी किसान संगठन शांतिपूर्वक तरीके से अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन यह लड़ाई तीन साल तक जारी रह सकती है। केंद्र सरकार कोरोना का बहाना बनाकर किसानों के संघर्ष में रोड़े अटकाना चाह रही है। वहीं पंजाब को आर्थिक तौर पर भी परेशान किया जा रहा है।
काफिला रोका गया तो वहीं लगा देंगे धरना : जेठुके
भाकियू एकता उगराहां के सीनियर उपाध्यक्ष झंडा सिंह जेठुके ने कहा कि 13 नवंबर को केंद्रीय मंत्रियों के साथ किसान संगठनों की बैठक के मौके पर केंद्र सरकार की तरफ से अपनाए अड़ियल रवैये के बाद किसानों की लामबंदी और तेज हो गई है।
खाना पकाने के लिए ईंधन के तौर पर सूखी घास व लकड़ियां भी ट्रालियों में लादी जा रही हैं।
किसानों के काफिले अपने तय कार्यक्रम के अनुसार दिल्ली कूच करेंगे और अगर सरकार ने उन्हें कहीं भी रोका तो वहीं धरना शुरू कर दिया जाएगा। संगठनों ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी मांगें और विचार रख दिए हैं, अब केंद्र को इन मांगों पर ठोस फैसला लेना होगा।
भाकियू एकता उगराहां की महिला नेता हरिंदर कौर बिंदू ने कहा कि दिल्ली मोर्चे में शामिल होने के लिए औरतों और बच्चों में भी भारी उत्साह है और सैकड़ों गांवों में औरतों की तरफ से जागो मार्च निकालकर घर-घर से राशन एकत्र किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मोर्चे में खुदकुशी पीड़ित और जमीनों से बेदखल किए जा चुके परिवारों की औरतें भी बड़ी संख्या में शामिल होंगी।
पंजाब में जारी रहेंगे धरने-प्रदर्शन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं के घरों के आगे, टोल प्लाजा और शापिंग मॉल्स के आगे धरने-प्रदर्शन लगातार जारी रहेंगे। किसान नेताओं ने भगता भाईके में डेरा प्रेमी की हत्या की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि जाति व धर्म के लिए ऐसी हत्याओं की सियासत निंदनीय है और इसके पीछे चल रहे मौजूदा किसान संघर्ष को पटरी से उतारने की साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता।
राशन की 40 ट्रालियां हरियाणा ने बार्डर पर रोकीं
किसान नेताओं ने कहा कि दिल्ली जा रहे काफिले में शामिल लोगों के लिए चाय-पानी और रोटी की व्यवस्था कर ली गई है और काफिले के साथ राशन व ईंधन से लदी 40 ट्रालियां पहले ही भेज दी गई हैं जो हरियाणा सरकार ने बार्डर पर रोक ली गई हैं। किसान नेताओं ने हरियाणा सरकार द्वारा दिल्ली मार्च की तैयारी कर रहे किसानों को गिरफ्तार करने की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की चालें किसान संघर्ष को कमजोर करने की जगह और भड़काने का साधन बन रही हैं।