हत्या के एक मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत ने बुधवार को दो दोषियों कमलजीत उर्फ बूमला और गौरव भारद्वाज उर्फ कल्लू को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि अक्सर आवेश में आकर लोग अपना अच्छा-बुरा भूल जाते हैं और ऐसा गुनाह कर बैठते हैं जिस पर बाद में पछताना पड़ता है।
यह मामला मृतक बलदेव के मनीमाजरा निवासी भाई सुखबीर की शिकायत पर दर्ज किया गया था। पुलिस को दी शिकायत में उसने बताया था कि 21 मई 2018 को रात करीब 11 बजे वह अपने भाई बलदेव के साथ घर आ रहा था। घर के पास वाले मोड़ पर कमल उर्फ बूमला अपने कुछ साथियों के साथ खड़ा था। उसने बलदेव को बुलाया और बातचीत करने लगा।
सुखबीर ने बताया कि बलदेव और बूमला के बीच पहले से झगड़ा चल रहा था। इसी बीच गौरव उर्फ कालू अपनी पल्सर बाइक से वहां पर आ गया। थोड़ी देर बाद वहां मौजूद लड़कों ने सुखबीर को पकड़ लिया। वह कुछ समझ पाता इससे पहले ही दोषी बूमला ने उसके भाई बलदेव की गर्दन पर छुरे से वार कर दिया। बलदेव लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद सभी मौके से भाग निकले। सुखबीर आनन-फानन अपने भाई को लेकर मनीमाजरा के सरकारी अस्पताल पहुंचा लेकिन डॉक्टरों ने बलदेव को पीजीआई रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि दोनों दोषियों पर पहले से लोगों के साथ मारपीट करने और उन्हें धमकाने के मामले दर्ज हैं।