चंडीगढ़। जिला अदालत ने सेक्टर-32 स्थित एक खाने-पीने की दुकान के संचालकों को बिना फूड लाइसेंस कारोबार करने के मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। इनकी पहचान अरुण पाल सिंह और यादविंदर सिंह के रूप में हुई है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग का आरोप था कि सेक्टर-32 स्थित स्वीट टूथ बेकरी में बिना फूड लाइसेंस के पास्ता, सैंडविच, केक आदि बनाकर बेचे जाते थे लेकिन विभाग अदालत में यह साबित ही नहीं कर सका कि अरुण और यादविंदर उस बेकरी के मालिक थे। ऐसे में अरुण और यादविंदर के खिलाफ केस साबित नहीं हो सका। वहीं, इस मामले में बेकरी का शेफ भूपिंदर सिंह भी आरोपी था, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुआ तो उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।
अरुण और यादविंदर के वकील ने अदालत मेें तर्क दिया कि स्वास्थ्य विभाग ने बिना जांच पड़ताल किए केस बना दिया। विभाग ने जब बेकरी में छापा मारा तो वहां शेफ मिला। उसके बयान के आधार पर अरुण और यादविंदर को आरोपी बना दिया, जबकि उनका इस बेकरी से कोई ताल्लुक ही नहीं था।