चंडीगढ़। साइबर क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड मामले में राजस्थान के फालोदी जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों में पूनमचंद (29) निवासी भोजाकोर, हनुमान नगर और जय प्रकाश (21) निवासी मलम सिंह की सिध, सुरपुरा, फालोदी (राजस्थान) शामिल हैं।
यह मामला 16 अप्रैल को चंडीगढ़ निवासी सुनीता की शिकायत पर दर्ज किया गया था। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने खुद को कूरियर कंपनी और नारकोटिक्स विभाग का अधिकारी बताकर महिला को डराया और वेरिफिकेशन व क्लीयरेंस के नाम पर करीब 15 लाख रुपये ठग लिए।
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम पहले इंडसइंड बैंक और यूको बैंक के खातों में जमा कराई गई जिसे बाद में बंधन बैंक के खातों में ट्रांसफर किया गया। ये सभी खाते गिरफ्तार आरोपियों के नाम पर थे। पूछताछ के दौरान दोनों ने कबूल किया कि उन्होंने अपने बैंक अकाउंट किट (चेकबुक, डेबिट कार्ड, पासबुक) कुछ लोगों को पैसे और कमीशन के बदले बेच दिए थे। एसएचओ इंस्पेक्टर इरम रिज़वी की निगरानी में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और अंतरराज्यीय समन्वय के आधार पर राजस्थान में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों का उपयोग कई अन्य साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में भी किया गया था। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन और बैंक दस्तावेज बरामद किए हैं। वर्तमान में टीम फंड ट्रेल एनालिसिस और लाभार्थी खातों की पहचान पर काम कर रही है।