चंडीगढ़। वर्ष 2018 में एक कार लूट और अपहरण की घटना मामले में जिला अदालत ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। दोनों आरोपियों की पहचान अमरीक उर्फ मिक्का और जोधा सिंह के रूप में हुई। इन पर सेक्टर-3 थाना पुलिस ने 2018 में केस दायर किया था। आरोपी पक्ष के वकील अरविंद सिंह संधू ने बताया कि आरोपियों पर लगाए गए आरोपों को साबित करने में अभियोजन पक्ष असफल रहा। इस पर जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश गर्ग ने दोनों आरोपियों को बरी कर दिया और उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया।
यह था मामला : घटना 27 फरवरी 2018 की रात है। पीड़ित सुरेंद्र सिंह रेस्टोरेंट में काम कर घर लौट रहा था। वह मोटरसाइकिल से सेक्टर- 9/4 पर पहुंचा तब एक सफेद रंग की कार ने उसका रास्ता रोक लिया। कार से दो व्यक्ति बाहर निकले उनमें से एक के पास चाकू था और दूसरे के पास पिस्तौल। आरोपियों ने उसके गले पर चाकू रखकर उसकी टाई काट दी और हेलमेट छीनकर उसके सिर पर मारा। इसके बाद आरोपियों ने उसका पर्स लूट लिया जिसमें 10 हजार सात सौ रुपये और एटीएम कार्ड था। इसके बाद आरोपियों ने सुरेंद्र को जबरन कार में बैठाया और उसे खरड़ अस्पताल के पास ले जाकर एटीएम कार्ड का पिन कोड पूछा। हालांकि एटीएम से पैसे नहीं निकल सके क्योंकि खाते में पैसे नहीं थे। आरोपियों ने सुरेंद्र को अस्पताल के पास फेंक दिया और वह वहां से पैदल चलकर पंजाब पुलिस के नाके तक पहुंचा। इसके बाद उसने संबंधित थाना पुलिस को शिकायत दी।