आचार्य देवव्रत को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाकर भाजपा ने बड़ा दांव खेला है। पार्टी का मानना है कि आरक्षण रद होने से खफा जाटों खास करके हरियाणा के जाटों की नाराजगी इस कदम से दूर होगी।
मूल रूप से पानीपत जिले के पावटी गांव के निवासी आचार्य देवव्रत साधारण जाट परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी शिक्षा दीक्षा हिसार के आर्य समाजी ब्रह्म महाविद्यालय में हुई। पिछले करीब तीन दशक से वे कुरूक्षेत्र में आर्य समाज द्वारा संचालित गुरुकुल में प्रधानाचार्य हैं।
सीबीएसई से संबद्ध यह ‘गुरुकुल’ वास्तव में प्राचीन और आधुनिक शिक्षा प्रणाली का मिश्रण है। आम तौर पर राजनीति से दूर अध्ययन-अध्यापन की दुनिया में व्यस्त रहने वाले आचार्य देवव्रत को राज्यपाल बनाकर भाजपा ने हरियाणा के करीब 70 लाख जाटोंको साधने की कोशिश की है।