चंडीगढ़। शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए बनने वाले कम दूरी के वैकल्पिक मार्ग के लिए जमीन अधिग्रहण पर फिर पेच फंस गया है। यूटी प्रशासन ने जहां भूमि अधिग्रहण की तैयारी कर ली है, वहीं जमीन मालिक प्रशासन की मुआवजा नीति से सहमत नहीं हैं। जमीन मालिक अब अदालत का रुख करने की तैयारी में हैं।
बता दें कि चंडीगढ़ प्रशासन ने वर्ष 2018 की नेगोसिएशन पॉलिसी के आधार पर जमीन मालिकों को मुआवजा देने जा रहा है। वहीं, बुड़ैल और इसके साथ लगते इलाके के भू मालिक लैंड पूलिंग एक्ट से मुआवजा लेने पर अड़े हैं। किसानों का कहना है कि अगर प्रशासन हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर लैंड पूलिंग एक्ट के तहत मुआवजा नहीं दे सकता तो भारत सरकार के वर्ष 2013 भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत मुआवजा दिया जाए। ऐसे में अधिग्रहण का मामला लटकता नजर आ रहा है।
पेंडू संघर्ष समिति के उप प्रधान जोगिंद्र सिंह ने बताया कि प्रशासन की ओर से किसानों को एक नोटिस आया है, जिसमें वर्ष 2018 की नेगोसिएशन पॉलिसी का हवाला देते हुए जमीन का मुआवजा देने की बात कही गई है लेकिन समिति इसका विरोध करती है। इसके तहत किसानों को उनकी जमीन का वाजिब दाम नहीं मिलेगा। साथ ही दूसरी नीतियों में भू मालिकों के हित में रखे गए प्रावधानों से भी किसान वंचित रह जाएंगे।
समिति के प्रधान दिलजीत सिंह पलसौरा और पूर्व सरपंच बाबा साधु सिंह ने कहा कि किसानों को 2018 की नीति के तहत मुआवजा बिल्कुल भी मंजूर नहीं है। प्रशासन इस पर पुनर्विचार करे, तभी किसान अपनी जमीन प्रशासन के नाम करने को तैयार होंगे।