चंडीगढ़। सेक्टर-19 स्थित वाटिका स्कूल में एक साल पहले हेरिटेज श्रेणी में शामिल किए गए आम के पेड़ की सूख चुकी टहनियों को प्रशासन तीन दिन में व्यवस्थित ढंग से काटेगा। साथ ही पूरे पेड़ को सूखने से बचाने के लिए जड़ों पर काम किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन के अधिकारियों की टीम ने बुधवार को स्कूल का दौरा कर पेड़ का मुआयना किया और जड़ों की सफाई कराकर उसमें खाद डलवाई।
बता दें कि पेड़ की सूख चुकी भारी टहनियां स्कूली बच्चों के लिए बीते एक साल से खतरा बनी हुई हैं। इतना ही नहीं यहां पर डीईओ का ऑफिस भी है, जहां दिनभर परिजनों और लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में स्कूल ने कई बार पेड़ की सूख चुकी भारी टहनियों को काटने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन अब तक मामला लटका हुआ था।
बागवानी विभाग के एसडीओ प्रभात किरण ने बताया कि तीन दिन में टहनियों को व्यवस्थित ढंग से काटने के अलावा पेड़ की सुरक्षा और देखभाल के लिए प्रशासन ने बुधवार को पीएयू के विशेषज्ञ डॉ. नवतेज को टीम में शामिल किया है। वाटिका स्कूल में पिछले एक साल से आम के पेड़ का ज्यादातर हिस्सा सूख चुका है। उन्होंने कहा कि पेड़ को संरक्षित करने के लिए स्कूल प्रबंधन प्रशासन से कई बार मदद मांग चुका था।
देखरेख न होने से हेरिटेज पेड़ सूखने की कगार पर
यूटी वन विभाग की ओर से 2018 में वाटिका स्कूल में लगे आम के पेड़ के हेरिटेज की श्रेणी में डाला गया था, जो अब सूखने की कगार पर है। डीसीएफ डॉ. अब्दुल कय्यूम ने बताया कि पेड़ को हेरिटेज श्रेणी में डालने के लिए मुख्य तौर पर उसकी उम्र देखी जाती है। 100 साल की उम्र के पेड़ को हेरिटेज की श्रेणी में रखा जाता है। अब बड़ा सवाल यह है कि पिछले साल पेड़ की उम्र को देखते हुए उसे हेरिटेज की श्रेणी में तो डाल दिया गया लेकिन उसकी देख-रेख नहीं की गई। वहीं, पेड़ के साथ में लगे दूसरे सूखे पेड़ को भी काट दिया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, पेड़ की सेहत पर उसके साथी पेड़ की सेहत का भी बहुत फर्क पड़ता है। अगर साथ के पेड़ सूख जाएंगे तो दूसरे पेड़ में भी बीमारी लगने और सूखने की आशंका बढ़ जाती है।