फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: घर का फर्नीचर ऑनलाइन बेचना चाहा, गंवा दिए 74 हजार

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। घर में रखा फर्नीचर ऑनलाइन बेचने के चक्कर में शहर के व्यक्ति को 74 हजार रुपये की चपत लग गई। साइबर ठगों ने उससे ठगी कर ली। मामले की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी गई जिसके बाद मामला दर्ज किया गया है। सेक्टर-38डी निवासी पार्थ टंडन ने बताया कि उसने एक वेबसाइट पर घर का पुराना फर्नीचर बेचने के लिए विज्ञापन डाला था। उसे खरीदने के लिए एक व्यक्ति का फोन आया। उसने बातचीत में पार्थ टंडन को फंसाकर एक क्यूआर कोड भेजा और स्कैन करने के लिए कहा। जब पार्थ ने कहा कि स्कैन करने से उसके रुपये कट जाएंगे तो उसने कहा कि आप केवल 5 रुपये भेज कर देखो। इस पर पार्थ टंडन ने स्कैन कर क्यूआर कोड पर पांच रुपये भेज दिए जो कुछ ही सेकेंड में वापस भी आ गए। मगर उसके कुछ समय बाद खाते से 74,800 रुपये कटने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने घटना की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

किराए का मकान लेने के नाम पर ठगी
एक अन्य मामले में मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला निवासी प्रियंका राणा ने बताया कि वह सेक्टर-34डी में एक पीजी में रहती है। उसे एक दिसंबर से अलग मकान किराये पर लेकर रहना था। इसीलिए उसने सोशल मीडिया पर आए एक विज्ञापन पर क्लिक कर दिया। वहां एक वेबसाइट ओपन हो गई जो ऑनलाइन मकान और कमरे किराए पर देने का दावा कर रही थी। उसने सेक्टर-36 में मकान किराये पर लेने के लिए सहमति जताई। इस बारे में उसकी एक नंबर पर बातचीत हुई। इसके लिए उसे आनलाइन पेमेंट करनी थी। मकान का किराया नौ हजार रुपये निर्धारित हुआ। उसने महिला से किराये के लिए नौ हजार रुपये ले लिए। उसके बाद नौ हजार रुपये सिक्योरिटी के तौर पर फिर से ले लिए। एक दिन बाद फिर जब बात हुई तो ठग ने बताया कि उसने एग्रीमेंट के लिए डीड बनवाई है, जिस पर एक हजार रुपये खर्च आया है। इसके अलावा ब्रोक्रेज का खर्चा मिलाकर उसने कुल 23,500 रुपये प्रियंका राणा से ठग लिए। उसके बाद से वह नंबर बंद आने लगा, जिस पर बात हुई थी। प्रियंका राणा को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस को शिकायत दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें