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ट्राइसिटी की इन दो बेटियों ने बढ़ाया शहर का नाम, अब ओलंपिक के लिए तैयार करेगी सरकार

Sun, 11 Feb 2018 01:03 AM IST
दीपक शाही/अमर उजाला, पंचकूला
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ट्राइसिटी की दो बेटियों को ओलंपिक के लिए तैयार करेगी सरकार
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ट्राइसिटी की दो बेटियों को अब केंद्र सरकार ओलंपिक के लिए तैयार करेगी। दोनों ने खेलो इंडिया स्कूल गेंस के मुक्केबाजी के क्वालिफाइंग राउंड में जीत का परचम लहराया है। मामले में पूरे हरियाणा से सिर्फ छह खिलाड़ियों का चयन किया गया है, जिनमें हरियाणा के पंचकूला से प्रांजल यादव ने जगह पक्की की है। वहीं मोहाली (नया गांव) की सिमरन का भी नाम इसमें शामिल है। अब दोनों बेटियों को सरकार हर साल पांच लाख रुपये की स्कॉलरशिप प्रदान करेगी। 
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साल 2024 में होने वाले ओलंपिक के लिए सरकार के मार्ग दर्शन में इन्हें तैयार किया जाएगा। पंचकूला के बॉक्सिंग कोच वीरेंद्र डांगी ने बताया कि खेलो इंडिया स्कूल गेंस का आयोजन 31 जनवरी से 8 फरवरी तक दिल्ली और गुरुग्राम में आयोजित हुआ। उन्होंने बताया कि स्कूल नेशनल और ओपन नेशनल के पदक विजेताओं को इस प्रतिस्पर्धा के लिए चुना गया था। 

क्यूबा में होगी तीन माह की ट्रेनिंग
ओलंपिक की तैयारी के लिए प्रांजल और सिमरन को क्यूबा में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा। यह तीन माह की ट्रेनिंग इसी साल 2018 तक क्यूबा में होगी। इसके बाद तीस लड़के और तीस लड़कियों को इंटरनेशनल टूर के लिए भेजा जाएगा। इन्हें ट्रेनिंग देने के लिए देश भर के अलग-अलग राज्यों से चार मेल और चार फीमेल कोच को भी चुना गया है, जो इन खिलाड़ियों को ओलंपिक के लिए तैयार करेंगे। 
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मजदूर की बेटी सिरमन को मिलेगा बढ़ा मौका 

मुक्केबाजी में मोहाली के नया गांव की सिरमन का नाम भी शामिल
मजदूर की बेटी सिरमन को मिलेगा बढ़ा मौका 
पंजाब स्थित नया गांव की सिमरन ने अंडर-17 के 46 किलो वेट कैटेगरी में खेलो इंडिया स्कूल गेंस के बॉक्सिंग इवेंट में सिल्वर मेडल हासिल किया है। सिरमन ने बताया कि उसके पिता मजदूरी करते हैं।

घर में इतने पैसे नहीं हैं कि पिता उसे बॉक्सिंग की कोचिंग का खर्च वहन कर सकें। सिमरन ने बताया वह चंडीगढ़ सेक्टर-22 बी गवर्नमेंट स्कूल की छात्रा है। एक दिन उसके स्कूल में कोच जोगिंदर आए थे, उन्होंने सभी बच्चों से कहा कि वे फ्री में बॉक्सिंग की कोचिंग देते हैं। उसके बाद ही वह कोच के पास जाकर बॉक्सिंग की फ्री कोचिंग करने लगी।

सिमरन ने बताया कि वह अब तक बॉक्सिंग स्टेट चैंपियनशिप में पांच स्वर्ण पदक और नेशनल में सिल्वर तथा ब्रांज मेडल हासिल कर चुकी है। पिछले तीन वर्षों से वह बॉक्सिंग की प्र्रेक्टिस कर रही है। 
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पंचकूला की प्रांजल ने ओलंपिक के लिए कसी मकर 

मुक्केबाजी में पंचकूला से प्रांजल का नाम भी शामिल
पंचकूला की प्रांजल ने ओलंपिक के लिए कसी मकर 
पंचकूला के खाते में मेडल लाने वाली शहर की प्रांजल ने आखिरकार ओलंपिक के लिए अपना पांव जमा ही लिया। उसने खेलो इंडिया स्कूल गेंस के बॉक्सिंग इवेंट के क्वालिफाइंड राउंड में दूसरा स्थान हासिल किया है। उसके कोच विरेंद्र डांगी बताते हैं कि प्रांजल अपने अथक परिश्रम से लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही है।

अगर इसी तरह खेल में परचम लहराती रही तो वो दिन दूर नहीं, जब पंचकूला के नाम ओलंपिक मेडल भी  दर्ज होगा। कोच ने बताया कि प्रांजल के पिता संदीप कुमार सीआईडी में एएसआई के पद पर तैनात हैं।

वहीं मां सुदेश हाउस वाइफ हैं। उन्होंने बताया कि प्रांजल पिछले तीन साल से बॉक्सिंग की ट्रेनिंग ले रही है। पिता और मां सुबह चार बजे उसे लेकर प्रैक्टिस के लिए बॉक्सिंग रिंग में पहुंच जाते हैं।
 
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