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Chandigarh News: खजाना एवं लेखा विभाग भी आवश्यक सेवा अधिनियम में शामिल

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राज्यपाल की मंजूरी के बाद मुख्य सचिव संजीव कौशल ने जारी की अधिसूचना
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने खजाना एवं लेखा विभाग को भी आवशयक सेवा अधिनियम में शामिल कर लिया है। खजाना विभाग में तैनात सभी कर्मचारी अब हरियाणा आवश्यक सेवा-अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू हो सकेगा। इससे पहले, यह विभाग एस्मा अधिनियम से बाहर था।
इस संबंध में प्रदेश के राज्यपाल की मंजूरी के बाद हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने अधिसूचना जारी की है। इससे पहले, हरियाणा में पुलिस, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं को इस अधिनियम में शामिल किया हुआ है। अगर कभी भी इन विभागों के कर्मचारी हड़ताल पर जाते हैं, तो सरकार इन पर एस्मा लगा सकती है। एस्मा के तहत अगर कोई कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध और दंडनीय है और उसे छह महीने की सजा हो सकती है। कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी कर्मचारी को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है। अधिकतम छह महीने तक एस्मा लगाने का प्रावधान है।
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पांच जुलाई से हड़ताल पर हैं लिपिक
हरियाणा में लिपिक पांच जुलाई से हड़ताल पर हैं। सरकार के स्तर पर 13 जुलाई, 21 जुलाई, 26 जुलाई और 10 अगस्त को बैठकें कर हड़ताली लिपिकों को मनाने की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन बात नहीं बन पाई। लिपिक एसोसिएशन 35,400 रुपये ग्रेड पे पर अड़ी हुई है। सरकार की ओर से लिपिकों को 25 हजार रुपये तक बेसिक वेतन देने का प्रस्ताव दिया जा चुका है, लेकिन सहमति नहीं बन पाई है। लिपिक एसोसिएशन के राज्य प्रधान विक्रांत का कहना है कि सरकार की तरफ से 15 अगस्त के बाद बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में सहमति बनने के आसार हैं।
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