चंडीगढ़ जीएमसीएच-32 के अंतर्गत जल्द ही सेक्टर-53 में एक साथ तीन परियोजनाओं को मूर्त रूप देने की तैयारी चल रही है। केंद्र सरकार की ओर से ट्रॉमा सेंटर बनाने के लिए दी गई लगभग 9.6 एकड़ भूमि में अब ट्रामा के साथ ही कार्डियक साइंसेज और नर्सिंग कॉलेज की भी स्थापना की जाएगी। इससे जहां एक ओर शहर के साथ आस-पास के प्रदेशों के गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज आसानी से उपलब्ध होगा, वहीं नर्सिंग में भविष्य बनाने की चाह रखने वाले युवाओं की भी राह आसान होगी। क्योंकि ऐसा होने पर कॉलेज नर्सिंग की सीटें बढ़ा सकेगा।
जीएमसीएच 32 के साथ ही एक अन्य ट्रॉमा सेंटर भी
जीएमसीएच 32 के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो. एके अत्रि ने बताया कि कॉलेज में 259 बेड के ट्रॉमा सेंटर के अलावा एक और ट्रॉमा सेंटर प्रस्तावित है। इसके लिए सेक्टर 53 में जमीन काफी पहले मिल चुकी है लेकिन वह जमीन इतनी ज्यादा है कि ट्रॉमा सेंटर बनाने के बाद काफी जगह खाली बच जाएगी। ऐसी स्थिति में उस खाली जगह के सदुपयोग के लिए दोबारा नया प्रस्ताव तैयार किया गया है जिसे एडवाइजर के दिशा-निर्देश के अनुसार टाउन प्लानर के साथ मिलकर बनाया गया है। डीपीआर को केंद्र को भेजा जा चुका है। स्वीकृत मिलने के बाद बजट पास होते ही वहां काम शुरू कर दिया जाएगा।
एक साथ मिलेंगे कई लाभ
सेक्टर-53 के प्रस्तावित प्रोजेक्ट में लगभग 300 बेड के ट्रॉमा सेंटर के साथ अलग कार्डियक साइंसेज बनाया जाएगा। प्रो. अत्रि का कहना है कि जीएमसीएस-32 में संचालित कार्डियोलॉजी विभाग के विस्तार की राह आसान होगी। डॉक्टरों को बेहतर करने का मौका मिलेगा। उसके लिए विशेषज्ञों के 65 पद की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। कार्डियक साइंसेज में कार्डियक सर्जरी और कार्डियोलॉजी को अलग-अलग बनाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को लाभ प्रदान किया जा सके।
नर्सिंग सीटों को बढ़ाने का मिलेगा मौका
मौजूदा समय में कॉलेज में नर्सिंग की 64 सीटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। कॉलेज प्रशासन का प्रयास है कि युवाओं को इस प्रोफेशन से जोड़ने के लिए बेहतर कार्य किया जाए। इसके लिए इस योजना में ट्रॉमा और कार्डियक के साथ ही नर्सिंग कॉलेज को भी शामिल किया गया है। प्रो. अत्रि ने बताया कि 30 मई को हुई बैठक में इसे जोड़ा गया है, जिसे प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है। सेक्टर-53 में नया नर्सिंग कॉलेज बनने पर नर्सिंग की सीटों में बेहतर रूप से इजाफा किया जा सकेगा।