चंडीगढ़ में 22 सालों से चाय का स्टॉल लगाकर अपना जीवनयापन कर रहे ट्रांसजेंडरों का वेंडिंग लाइसेंस नहीं बनाया गया है। इन तीन ट्रांसजेंडरों ने नगर निगम में शिकायत देकर लाइसेंस देने की मांग की है। ट्रांसजेंडरों ने कहा कि इतने दिनों में किसी ने भी हमारा सर्वे नहीं किया। अब हमें हटाया जा रहा है। वहीं फॉम देखने पर पता चला कि उसमें तीसरे जेंडर का विकल्प ही नहीं है।
हालांकि अधिकारियों ने अगली टाउन वेंडिंग कमेटी में इस समस्या केलिए चर्चा करने का आश्वासन दिया है। मंगलमुखी ट्रांसजेंडर वेलफेयर सोसायटी के जनरल सेक्रेटरी धनंजय ने बताया कि कई सालों से इंडस्ट्रियल एरिया में चाय का स्टॉल लगा रहे हैं। इसी तरह श्रृष्टि व एक अन्य साथी भी दो अन्य स्थानों पर चाय का स्टॉल लगाकर अपना जीवनयापन कर रहे थे।
हम मांगने से ज्यादा कमाकर खाने पर विश्वास रखते हैं। जब वेंडिंग लाइसेंस के बारे मेंसुना तो हमने अपने आसपास के लोगों से लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया के बारे में जानना चाहा, लेकिन सभी ने यह कह दिया तुम्हें कौन हटाएगा। पुलिस से लेकर निगम के अधिकारियों ने भी यही बात कहकर हमें टाल दिया। अब जब वेंडरों को शिफ्ट किया जा रहा है तो हमें हटा दिया।
अब हम कहां जाएं। समाज विकास अधिकारी विवेक त्रिवेदी को ट्रांसजेंडरों ने पत्र देकर लाइसेंस बनाने की मांग की है। समाज विकास अधिकारी ने ट्रांसजेंडरों के मुद्दे को अगली टीवीसी की बैठक में लाने का आश्वासन दिया है।