चंडीगढ़। चालान न काटने के एवज में ऑटोवाले से 1500 रुपये महीना लेने वाले ट्रैफिक हेड कांस्टेबल दलबीर सिंह को सीबीआई की अदालत ने दोषी ठहराया है। शुक्रवार को अदालत दोषी को सजा सुनाएगी। जुलाई 2014 को सीबीआई ने पीजीआई चौक के पास से दलबीर को 1500 रुपये लेते गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार के तहत का मामला दर्ज किया था।
ऑटो चालक जौरा सिंह ने सीबीआई को शिकायत में बताया था कि उसके पास 30 ऑटो हैं। सभी ऑटो पीजीआई से लेकर बस स्टैंड तक चलते हैं। पीजीआई चौक पर तैनात ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल दलबीर सिंह उसके ऑटो चालकों को रोककर तंग करता है। हेड कांस्टेबल बिना किसी कारण चालान काट रहा है। जौरा सिंह ने हेड कांस्टेबल दलबीर सिंह से संपर्क किया तो उसने कहा कि महीने के तीन हजार रुपये उसे दे दो तो उसके बाद पूरे शहर में कोई भी ट्रैफिक पुलिस वाला उसके ऑटो को नहीं रोकेगा। दोनों के बीच पर एक ऑटो 50 रुपये (कुल 1500) में सौदा हुआ। शिकायत के आधार पर सीबीआई ने पीजीआई चौक के पास ट्रैप लगाया। शिकायतकर्ता जौरा सिंह 1500 रुपये लेकर पीजीआई चौक पर हेड कांस्टेबल के पास पहुंचा और उसे पैसे दे दिए। सीबीआई ने मौके पर हेड कांस्टेबल दलबीर सिंह को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया।