चंडीगढ़। शहर के डीसी निशांत कुमार यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को डिस्ट्रिक्ट रोड सेफ्टी कमेटी की बैठक हुई। बैठक का उद्देश्य शहर में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना रहा। बैठक में बड़े चौराहों पर ट्रैफिक बूथ बनाने, प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल टाइमर लगाने, रंबल स्ट्रिप्स लगाने और नो हॉर्न जोन चिह्नित करने जैसे कई निर्णय लिए गए।
डीसी ने शहर के प्रमुख चौराहों पर काउंटडाउन टाइमर युक्त ट्रैफिक लाइटें लगाने की सिफारिश की ताकि पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए सुरक्षित समय का अनुमान लगाना आसान हो। यह सुविधा बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग जनों के लिए विशेष रूप से सहायक होगी। डीसी ने यह भी निर्देश दिया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर लंबित ट्रैफिक बूथों की स्थापना जल्द पूरी की जाए, ताकि ट्रैफिक पुलिस को बेहतर सुविधा मिल सके और आम नागरिकों को सहायता मिल सके। उन्होंने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास नो हॉर्न क्षेत्र घोषित करने और संबंधित साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनावश्यक हॉर्न ध्वनि प्रदूषण फैलाता है, जो खासकर शांत वातावरण की मांग वाले क्षेत्रों में नुकसानदायक होता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और सुलभ सड़कें हर नागरिक का अधिकार हैं और इन्हें सुनिश्चित करना हम सब की साझा जिम्मेदारी है। ये ठोस कदम चंडीगढ़ को न केवल एक स्मार्ट, बल्कि एक और अधिक सुरक्षित शहर बनाएंगे।
ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट से ट्रिब्यून चौक तक बनेगा साइकिल ट्रैक, मिली मंजूरी
बैठक में बताया गया कि पूर्व मार्ग पर सेक्टर-26 स्थित ट्रांसपोर्ट लाइट पॉइंट से ट्रिब्यून चौक तक साइकिल ट्रैक बिछाने के लिए प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। यहां वर्तमान में सड़क के किनारे ही साइकिल ट्रैक की मार्किंग की गई है लेकिन कमेटी ने इसे बेहद खतरनाक बताया था और ऐसा न करके, अलग से ट्रैक बनाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद अब इंजीनियरिंग विभाग जल्द काम शुरू करने जा रहा है। डीसी ने कहा कि इन सभी योजनाओं को समयबद्ध ढंग से लागू करने के लिए पुलिस, इंजीनियरिंग विभाग, नगर निगम, वास्तुकार विभाग और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच मजबूत आपसी तालमेल जरूरी है।
शहर के एंट्री पॉइंट्स पर रम्बल स्ट्रिप्स लगाने की सिफारिश
वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए डीसी ने शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट पर रम्बल स्ट्रिप्स लगाने की सिफारिश की है। इससे तेज गति से आते वाहनों को नियंत्रित करने और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी। बैठक में उन ब्लिंकरों की पहचान कर उनकी बैटरियां तुरंत बदलने के निर्देश दिए गए, जो बंद पड़ी हैं। ये ब्लिंकर रात के समय और कम दृश्यता की स्थिति में यातायात को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। बैठक में एसएसपी (ट्रैफिक एवं सुरक्षा), चीफ इंजीनियर, नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, चीफ आर्किटेक्ट सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।