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अनलॉक के बाद भी गर्त में पर्यटन कारोबार

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चंडीगढ़। कोरोना महामारी के चलते कई कारोबार ठप हो गए हैं। सबसे बुरा हाल पर्यटन उद्योग का है। इस क्षेत्र से जुड़े व्यापारियों पर कोरोना का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। चंडीगढ़ में कोरोना से पहले बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते थे, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल गए हैं। पर्यटन उद्योग पूरी तरह ठप पड़ा है। पर्यटकों के न आने से रेंट पर बाइक, टैक्सी आदि देने वालों का काम बंद है। यहां से पर्यटक रेंट पर बाइक लेकर शिमला, कुफरी, किन्नौर और लेह-लद्दाख आदि की यात्रा पर जाते थे, लेकिन अब सभी बाइक शोपीस बनकर रह गई हैं। एक भी ग्राहक अब बाइक रेंट पर लेने नहीं आ रहा है।
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अनलॉक का दूसरा चरण चल रहा है और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की कोशिश हो रही है, लेकिन यह इतना आसान नहीं है। पर्यटन उद्योग पूरी तरह ठप है। पर्यटन के लिहाज से चंडीगढ़ बेहद महत्वपूर्ण शहर है। दिल्ली के अलावा देश के सभी शहरों से रोजाना यहां हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं। यही नहीं विदेशी पयर्टकों को भी यह शहर काफी आकर्षितक करता है लेकिन कोरोना की वैश्विक महामारी के चलते पर्यटक नहीं आ रहे हैं। ऐसे में यहां के प्रमुख पर्यटन स्थल सुखना लेक, रॉक गार्डन, रोज गार्डन आदि सब जगह सन्नाटा पसरा है। सुखना लेक पर बोटिंग और बच्चों के खेलने आदि के तमाम इंतजाम थे, जो तीन महीने से बंद पड़े हैं।
सेक्टर-47सी स्थित राणा कैब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर जोगिंदर सिंह ने बताया कि अप्रैल, मई, जून और जुलाई के महीने में उनके पास काफी काम होता था लेकिन कोरोना वायरस ने सब बर्बाद कर दिया। हालत यह है कि कर्मचारियों को सैलरी देने के भी लाले पड़ गए हैं। इस बार सभी बाइक खड़ी हैं, इन्हें रेंट पर लेने वाला कोई नहीं। उन्होंने कहा कि कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है, ऐसी स्थिति में कौन घूमने के लिए निकलेगा। इसके अलावा जिन राज्यों में लोग घूमने के लिए जाते हैं, वहां प्रवेश के नियम काफी कड़े कर दिए गए हैं, ऐसे में पर्यटक कहीं भी जाने से बच रहे हैं।
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फरवरी से ही पर्यटन व्यापार को लगने लगा था झटका
पर्यटन उद्योग से जुड़े व्यापारियों की मानें तो कोरोना का आतंक फैलने के साथ ही फरवरी के प्रथम सप्ताह से ही पर्यटन उद्योग को झटका लगना शुरू हो गया था। पर्यटकों की बुकिंग रद्द होने की रफ्तार से ही व्यापारियों को भारी नुकसान का आभास होने लगा था लेकिन यह इतनी तेजी से पूरी इंडस्ट्री को ठप कर देगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। व्यापारियों के अनुसार मार्च समाप्त होते ही पर्यटन का सीजन शुरू होता है। बाद में बारिश का मौसम शुरू होने पर इसमें कमी आती है, लेकिन पर्यटक लगातार आते रहते हैं। लेकिन कोरोना की वजह से पर्यटन उद्योग पूरी तरह से तबाह हो गया है। कोरोना संकट से जूझने के किए केंद्र सरकार ने आर्थिक पैकेज की घोषणा की है लेकिन पर्यटन कारोबार को तत्काल कोई लाभ नजर नहीं आ रहा है। उसके बाद भी केंद्र सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन की ओर राहत की उम्मीद में पर्यटन कारोबारी टकटकी लगाए बैठे हैं।
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