चंडीगढ़। यूटी प्रशासन पर्यटकों की मेहमान नवाजी करने के लिए तैयार है। इसके लिए विभाग अब पर्यटकों को सिटी ब्यूटीफुल में लाने के देशभर के 50 प्रमुख टूरिस्ट ऑपरेटर्स को चंडीगढ़ की सैर कराएगा, ताकि वे शिमला-मनाली जाने वाले पर्यटकों को यहां एक-दो दिन ठहरने के लिए प्रेरित कर सकें। ये सभी ऑपरेटर्स 4 जुलाई को चंडीगढ़ पहुंच जाएंगे।
विभाग ने नई योजना बनाई है कि वह देश के 50 टॉप ट्रैवल एजेंट्स व टूरिस्ट ऑपरेटर्स को शहर का भ्रमण कराएगा। इसके लिए कुछ महीने पहले पर्यटन सचिव और ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक हुई थी। पहले यह कार्यक्रम मई में ही होना था लेकिन युद्ध के हालातों की वजह से इसे टाल दिया गया। अब 4-5 जुलाई को टूरिस्ट ऑपरेटर्स चंडीगढ़ में रहेंगे और चंडीगढ़ के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। विभाग का उद्देश्य है कि ऑपरेटर्स खुद देखें कि चंडीगढ़ में घूमने की काफी जगहें हैं और कनेक्टिविटी भी बढ़िया है, ताकि जो भी लोग उनके पास से टूर पैकेज बुक करने के लिए आएं, उन्हें चंडीगढ़ में भी एक या दो दिन ठहरने की भी सलाह दी जाए। विभाग के निदेशक प्रद्युमन सिंह ने कहा कि चंडीगढ़ को सिर्फ ट्रांजिट प्वाइंट न समझा जाए, इसके लिए ही ये प्रयास किए जा रहे हैं। ऑपरेटर्स अपने टूर पैकेज में लोगों को चंडीगढ़ का भी एक-दो दिन स्टे दें या चंडीगढ़ के लिए विशेष पैकेज बनाए जाएं, जिससे यहां का पर्यटन बढ़े। उन्होंने बताया कि वो 4-5 जुलाई को चंडीगढ़ में रहेंगे। इसकी पूरी तैयारी हो चुकी है।
गार्डन-पार्कों में परफॉर्मेंस के लिए सिर्फ 5 ने किया आवेदन
दिल्ली की तर्ज पर चंडीगढ़ पर्यटन विभाग ने शहर के स्वतंत्र और इंडिपेंडेंट कलाकारों को एक मंच देने के लिए योजना शुरू की थी लेकिन सिर्फ 5 कलाकारों ने ही आवेदन किया है। योजना के तहत, चंडीगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों और गार्डनों जैसे रोज गार्डन, शांतिकुंज और अन्य प्रमुख स्थलों पर हर शाम स्थानीय कलाकारों को परफॉर्म करने का अवसर मिलेगा। कलाकार चाहे सोलो गिटारिस्ट हो, सिंगर हो या अन्य कोई परफॉर्मिंग आर्टिस्ट, यदि उनके पास अपना म्यूजिक सेटअप या इक्विपमेंट है, तो वे विभाग के साथ जुड़कर पब्लिक परफॉर्मेंस दे सकते हैं। इसके लिए पर्यटन विभाग ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) जारी किया था। बता दें कि शुरु में यह योजना नगर निगम के साथ मिलकर शुरू करने की योजना थी, लेकिन निगम की वित्तीय स्थिति को देखते हुए विभाग ने इसे खुद से ही लागू करने का निर्णय लिया।