चंडीगढ़। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम ने जबरदस्त वापसी की है। मंगलवार को स्पेन के खिलाफ जीत में चंडीगढ़ हॉकी अकादमी ट्रेनी रहे रुपिंदर पाल सिंह का अहम रोल रहा। उन्होंने विपक्षी टीम के खिलाफ दो गोल दागे।
पंजाब के फरीदकोट निवासी रुपिंदर सेक्टर- 42 स्थित यूटी खेल विभाग की हॉकी अकादमी के पहले बैच साल 2002 में आए थे। यहां हॉकी की ट्रेनिंग लेते हुए साल 2007 में भारतीय जूनियर टीम में जगह बना ली थी। 2010 में सीनियर भारतीय हाकी टीम का हिस्सा बन गए। उसके बाद उनका शानदार खेल जारी है। रुपिंदर पाल सिंह का यहां दूसरा ओलंपिक है। चंडीगढ़ हॉकी अकादमी के प्रमुख हॉकी कोच गुरमिंदर सिंह का कहना है कि रुपिंदर बेहद आक्रामक खिलाड़ी हैं। वे आगे भी अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखेंगे।
शूटिंग में ट्राइसिटी के शूटरों का निराशाजनक प्रदर्शन
टोक्यो ओलंपिक में भारतीय शूटरों का निराशाजनक प्रदर्शन जारी है। 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स टीम इवेंट में पंचकूला की यश्स्विनी देसवाल के साथ अभिषेक वर्मा ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन किया और 17वें स्थान पर रहे। वहीं 10 मीटर एयर राइफल मिक्स टीम इवेंट में शहर की अंजुम मोदगिल ने पार्टनर के साथ खेलते हुए खराब निशाना लगाया और 18वें स्थान पर रहीं। हालांकि अंजुम मोदगिल के पास टोक्यो ओलंपिक में पदक हासिल करने का एक मौका है। अब वह 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन इवेंट में हिस्सा लेंगी। यह मुकाबला 1 अगस्त को खेला जाना है।