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चंडीगढ़ के तीन टीचरों को मिला सीबीएसई नेशनल अवार्ड, मंत्री पोखरियाल ने किया सम्मानित

Fri, 13 Sep 2019 03:01 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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नेशनल अवार्ड विनर टीचर्स - फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ के तीन शिक्षकों को सीबीएसई की तरफ से नेशनल अवार्ड मिला है। अवार्ड पाने वाले शिक्षक जीएमएसएसएस-8बी के परमजीत सिंह (पीजीटी- फिजिक्स), जीएमएचएस-43ए के डॉ. राजिंदर सिंह कंबोज (टीजीटी- पंजाबी) और सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय (प्राइमरी टीचर) ज्योतिका गुलेरिया हैं। वीरवार को नई दिल्ली के प्रवासी भारतीय केंद्र में आयोजित एक समारोह में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने इन तीनों शिक्षकों को सम्मानित किया।
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इन टीचर्स का चयन उनके योगदान, शैक्षिक रुचि, समुदाय में प्रतिष्ठा और शिक्षा के प्रति वचनबद्धता के आधार पर सीबीएसई की ओर से किया गया है। पूरे देश से सिर्फ 19 टीचर्स, 12 प्रिंसिपल और चार वाइस प्रिंसिपल को यह अवार्ड मिला है। अवार्ड पाने वाले 19 टीचर्स में से 3 चंडीगढ़ के हैं, पंजाब से 2 के जबकि हरियाणा से एक भी टीचर को नहीं चुना गया है। जीएमएचएस-43ए के पंजाबी टीचर डॉ. राजिंदर सिंह कंबोज (टीजीटी) पिछले 17 सालों सेे पढ़ा रहे हैं। उन्होंने पंजाबी विषय में पीएचडी की है।

वर्ष 2002 में भर्ती हुए राजिंदर सिंह कंबोज ने शहर के विभिन्न स्कूलों में पढ़ा चुके हैं। पंजाबी को प्रमोट करनेे व अन्य अचीवमेंट्स को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया है। राजिंदर सिंह कंबोज ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक बदलाव आ रहे हैं, इसके लिए हम सभी को तैयार रहना चाहिए। गौरतलब है कि पंजाबी भाषा में किसी टीचर को नेशनल अवार्ड 10 साल बाद मिला है। इससे पहले वर्ष 2009 में कृष्ण राही को मिला था।
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जीएमएसएसएस-8बी के फिजिक्स टीचर परमजीत सिंह (पीजीटी) पिछले 27 सालों से साइंस पढ़ा रहे हैं। विज्ञान में परमजीत सिंह के योगदान को देखते हुए अभी तक वह स्टेट अवार्ड, बेस्ट साइंस टीचर अवार्ड आदि से सम्मानित किए जा चुके हैं। इनके नेतृत्व में बनाए कई मॉडल्स नेशनल जा चुके हैं। कई स्टेट अवार्ड भी मिले हैं। परमजीत ने कहा कि स्टूडेंट्स ने विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करने की जरूरत है तभी भारत महाशक्ति बन सकता है। शहर के स्टूडेंट्स में साइंस के प्रति गजब की रुचि है, बस इसे बनाए रखने की जरूरत है।

बीएड में गोल्ड मेडलिस्ट सेक्टर-27 स्थित भवन विद्यालय की प्राइमरी टीचर ज्योतिका गुलेरिया को भी नेशनल अवार्ड दिया गया है। ज्योतिका वर्तमान में पंजाब यूनिवर्सिटी से एजुकेशन में पीएचडी कर रही हैं। 12 वर्षों से पढ़ा रहीं ज्योतिका ‘लर्निंग बाय डूइिंग’ में विश्वास रखती हैं। अवार्ड मिलने के बाद उन्होंने कहा कि यह बहुत सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि वह क्लास में बच्चों को इंडिपेंडेंट स्टडी और प्रैक्टिकल नॉलेज पर ज्यादा फोकस करती हैं। इसके लिए वह बच्चों को विभिन्न एग्जीबिशन, एजुकेशनल टूर आदि पर लेकर जाते रहते हैं। स्कूल की तरफ से स्टूडेंट्स को पॉजीटिव माहौल दिया गया है, जिसमें वह काफी कुछ एक्सप्लोर कर सकते हैं।
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