चंडीगढ़। किन्नौर के पास दिल्ली नंबर की कार के 150 फीट गहरी खाई में गिरने से हुए हादसे में जान गंवाने वाले तीन लोगों के परिवारों को अदालत ने 81.68 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने हादसे में जान गंवाने वाले गंगा सेन के परिवार को 45.62 लाख रुपये, सनम के परिवार को 22.25 लाख और जगदीश चंद्र के परिवार को 13.87 लाख रुपये के मुआवजा दिए जाने के निर्देश दिए हैं। कार दिल्ली के धीरज झा के नाम पर रजिस्टर्ड थी और इफको टोक्यो कंपनी से इंश्योर्ड थी, इसलिए ये केस इन्हीं के खिलाफ चला। झा और इंश्योरेंस कंपनी ने विभिन्न दलीलें देते हुए केस खारिज किए जाने की मांग की। लेकिन जज ने उनकी दलीलों को नहीं माना और पीड़ित परिवारों के हक में फैसला सुनाया।
मामले में तीनों मृतक परिवारों की ओर से वकील सुनील दीक्षित ने केस दायर किया था। उन्होंने बताया कि ये हादसा कार चला रहे सूरज की लापरवाही की वजह से हुआ था। लेकिन हादसे में सूरज की भी मौत हो गई थी, इसलिए उन्होंने उसे इस केस में पार्टी नहीं बनाया। हादसे के वक्त गंगा सेन की उम्र 41 साल थी और वह सरकारी विभाग में चौकीदार के तौर पर काम करते हुए 24 हजार रुपये महीना कमाता था। सनम की उम्र 33 साल थी और वह सेब का कारोबारी था और उसकी महीने की कमाई करीब 25 हजार रुपये थी। जगदीश चंद्र की उम्र करीब 37 साल थी और वह भी सेब का कारोबारी था और करीब 25 हजार रुपए महीना कमाता था।
क्या था मामला..
चार साल पहले जुलाई 2020 में दर्ज हुए मामले के तहत 30 जुलाई 2020 को किन्नौर के रहने वाले गंगा सेन, सनम, जगदीप और सूरज एक कार में सफर कर रहे थे। कार को हादसे के वक्त सूरज कार चला रहा था जबकि सनम, जगदीप और गंगा हादसे का शिकार हुई कार में ही सवार थे। केस तहत चालक सूरज के कार पर नियंत्रण खो बैठने के कारण रात 9 बजे करीब गाड़ी किन्नौर के गांव लिप्पा के 50 फीट गहरी खाई में जा गिरी। आरोपों के तहत चालक हादसे के वक्त शराब के नशे में था और कार के तेज रफ्तार में होने के चलते ब्रेक लगाने पर भी कार नहीं रोकी। कार चलाते समय उसकी ओर से की गई इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ, जिसमें खुद उसके समेत कार में सवार सभी यात्रियों की जान चली गई।