चंडीगढ़। जून की एक माह की छुट्टियों के के बाद एक जुलाई से कोर्ट खुलने जा रहे हैं। कोर्ट खुलने के साथ तीन नए अपराधी कानून भी लागू हो जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी )को खत्म कर दिया गया। अब आईपीसी और सीआरपीसी की जगह भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) का प्रयोग किया जाएगा। दिसंबर 2023 में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ दौरे के दौरान तीन नए कानून लागू करने की घोषणा की थी। उसही समय से कोर्ट और पुलिस प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है।
नए आपराधिक कानून के तहत महिलाओं और किशोर-किशोरियों से संबंधित अपराधों में सजा में सख्ती की गई है। अब दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों की जांच की जिम्मेदारी महिला इंस्पेक्टर या सब इंस्पेक्टर को सौंपी जाएगी। पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग बालक-बालिकाओं से संबंधित अपराध की जांच की जिम्मेदारी भी महिला पुलिस अफसर को ही सौंपी जाएगी।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म अब संज्ञेय अपराध
नए अपराधी कानून में शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का अपराध अब संज्ञेय अपराध की श्रेणी में कर दिया गया है। पुलिस अब बगैर वारंट के ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकेगी। हालांकि सजा का प्रावधान पहले की ही भांति 10 वर्ष तक और जुर्माने का है।