पीयू के मुताबिक वह एक सप्ताह से पीयू के अरुणा चंद्रा हाल में काम कर रही थीं। मंगलवार को उसमें कोरोना के लक्षण मिले थे। जांच रिपोर्ट बुधवार को आई तो पीयू में सुबह से ही हड़कंप मच गया। सूत्रों का कहना है कि एडमिन ब्लॉक में एक सप्ताह में कई शिक्षक भी पहुंचे थे। यदि किसी में भी संक्रमण पहुंचा तो कोरोना की चेन लंबी हो सकती है। दूसरी ओर पीयू इसलिए परेशान है कि महिला कर्मी का भाई कंप्यूटर ब्रांच में प्रोग्रामर है। वह भी उन्हीं के साथ रह रहा था। वह हर दिन काम पर जा रहा था। अब खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। महिला कर्मी की बहन भी पीयू के गर्ल्स हॉस्टल नंबर दस में नौकरी करती हैं लेकिन वह उसके संपर्क में पिछले दस दिनों से नहीं आई।
मार्केट में भी मचा हड़कंप
पीयू की मार्केट में अरुणा चंद्रा हॉल, एडमिन ब्लॉक के लोगों के अलावा संक्रमित महिला सामान आदि लेने पहुंची थी। कोरोना संक्रमण की खबर मिलते ही दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कुछ लोग दुकानें बंद कर घरों में जाकर क्वारंटीन हो गए। कुछ अपनी जांच कराने की तैयारी कर रहे हैं।
पीयू की लापरवाही सामने आई
जानकारों का कहना है कि थर्मल स्क्रीनिंग के आदेश थे तो संक्रमित महिला कर्मी की स्क्रीनिंग क्यों नहीं की गई। तापमान क्यों नहीं रोज चेक किया गया। सर्दी जुकाम था तो उन्हें कैसे कार्यालय में आने दिया गया। उनके साथ कार्य करने वाले अन्य कर्मियों ने भी इस बात का विरोध नहीं किया। जानकारों का कहना है कि कुछ कर्मियों ने तो खाना आदि भी शेयर किया था। ऐसे में संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
मोहाली में बुधवार को कोरोना के तीन नए मरीज सामने आए हैं। इनमें जीरकपुर और खरड़ एरिया के लोग शामिल हैं। वहीं, अब जिले में कोरोना के मरीजों की कुल संख्या 229 पहुंच गई और अभी 55 मरीज सक्रिय हैं। वहीं 171 लोग ठीक हो चुके हैं। जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है।
सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि बुधवार को जीकरपुर के बलटाना में 25 वर्षीय महिला कोरोना पॉजिटिव आई है। यह पहले से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से कोरोना की शिकार हुई है। इसी तरह सेक्टर-126 गिलको हाइट्स में 42 वर्षीय व्यक्ति और शिवालिक सिटी खरड़ में 56 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आया है।
मुजफ्फरनगर के मरीज की कोरोना से डेराबस्सी में मौत
चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर स्थित इंडस इंटरनेशनल अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह 69 वर्षीय बजुर्ग यूपी के मुजफ्फरनगर का रहने वाला था। सिविल अस्पताल के कोरोना नोडल अफसर डॉ. एचएस चीमा ने बताया कि मरीज 21 जून को यूपी के मुजफ्फरनगर में खालापार से यहां रेफर किया गया था।
इसका सैंपल पीजीआई में भेजा गया था, जहां से उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। मंगलवार की रात उसकी मौत हो गई। उसके इलाज के दौरान पूरी सावधानी बरती गई। इस मौत को मोहाली जिले के आंकड़ों में दर्ज नहीं किया जाएगा। परिजनों को शव यूपी ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली तो पूर्वांचल सभा ने उनकी मदद की और अपनी एंबुलेंस से शव भेजा।
पंचकूला में स्टाफ नर्स समेत कोरोना के दो नए मामले सामने आए हैं। इसकी पुष्टि पंचकूला सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने की है। दोनों को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इन केसों के आने के बाद जिले में कुल संक्रमितों की संख्या 143 हो गई है। इनमें से 41 मरीज ठीक हो गए हैं।
डॉ. जसजीत कौर ने बताया कि दो कोरोना संक्रमित मरीजों में से एक मरीज स्टाफ नर्स है। वह सेक्टर-1 के पास माजरी चौक की रहने वाली है। उनके रिश्तेदार एक मंत्री के ड्राइवर है। उनमें कोरोना की पुष्टि हुई थी। उनके संपर्क में आने से नर्स संक्रमित हुई है। दूसरा केस सेक्टर-2 से सामने आया है।
इसमें एक 40 वर्षीय व्यक्ति बाहर से सफर कर आया है। 15 दिन होम क्वारंटीन रहने के बाद व्यक्ति ने प्राइवेट लैब में टेस्ट करवाया था। इसके बाद इसकी जानकारी पंचकूला स्वास्थ्य विभाग को दी गई है। व्यक्ति को नौकरी ज्वाइन करनी थी। कंपनी ने कोरोना की डिटेल मांगी थी। इस पर टेस्ट करवाया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
पंचकूला स्वास्थ्य विभाग के नोडल ऑफिसर राजीव नरवाल ने बताया कि दोनों मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट बनाई जा रही है। अब तक इन दोनों के संपर्क में 10 लोगों के होने की बात सामने आई है। सभी को होम क्वारंटीन कर सैंपल लेंगे। प्रशासन सब जगह सैनिटाइज भी करवा रहा है।