याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जस्टिस (सेवानिवृत्त) आरएम लोढा समिति का गठन किया गया था, जिसके अंतर्गत यह स्पष्ट हिदायत थी कि पीएसीएल लिमिटेड की संपत्तियों को बेचने के बाद हुई बिक्री का प्रयोग, दोषी कंपनी द्वारा शुरू की गई सामूहिक निवेश योजना (सीआईएस) में अपनी मेहनत की कमाई लगाने वाले निवेशकों को उनकी बनती राशि वापिस करने के लिए किया जाए।
स्टेट क्राइम सेल के केस में भी भगोड़ा
हरकीरत सिंह पुलिस पंजाब स्टेट क्राइम सेल में फरवरी धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था, इसमें भी वह भगोड़ा था। इस केस में जनवरी 2023 को हुई जनरल बॉडी की मीटिंग की फर्जी कार्यवाही के आधार पर पीएसीएल के तीन डायरेक्टरों की गैर-कानूनी नियुक्ति और पीएसीएल की संपत्तियों से जुड़े व्यक्तियों, इकाईयों से पैसा वसूलने में उसकी भूमिका बताई जाती है।
इन लोगों पर पहले ही पकड़ा जा चुका है
पीएसीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू की पत्नी प्रेम कौर, गैर-कानूनी रूप से नियुक्त किए गए डायरेक्टरों में से एक धरमिंदर सिंह संधू और पीएसीएल के ग़ैर-कानूनी डायरेक्टरों इन की नियुक्ति से सम्बन्धित दस्तावेजों की पुष्टि करने वाले सीए जसविंदर सिंह डांग को इसी केस में गिरफ्तार किया जा चुका है।