चंडीगढ़। यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने 6 जून 2022 को मलोया स्मॉल फ्लैट्स का दौरा किया था। उन्होंने अधिकारियों को पार्कों को संवारने और पौधे लगाने का आदेश दिया था। अब एक साल से ज्यादा का समय बीत गया है, यहां पौधे लगाना तो दूर अधिकारी घास की कटाई समय पर नहीं कराते। खुले मैदानों में तीन तीन फुट घास उग आई है। आए दिन सांप निकल रहे हैं। लोग स्थानीय पार्षद समेत विभिन्न अधिकारियों से आग्रह कर चुके हैं। उनका कहना है कि प्रशासन मलोया को चंडीगढ़ का हिस्सा नहीं मानता और यहां के लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। विकास के कार्य तो दूर घास कटवाने के लिए भी अधिकारियों के आगे हाथ जोड़ने पड़ते हैं। आलम यह है कि ग्रीन बेल्ट के अंदर भी काफी घास उग गई है। कुछ दिन पहले ट्रैक्टर से ग्रीन बेल्ट के अंदर की घास को काटा गया। लेकिन मलोया के खुले मैदानों में घास के नहीं काटा गया, जिससे आए दिन सांप निकल रहे हैं। जो लोग टहलने जाते थे उन्होंने टहलने जाना बंद कर दिया है। बड़ी घास होने की वजह से मैदान नशेड़ियों का अड्डा बनते जा रहे हैं। लोगों ने कई बार इनकी कटाई करने की शिकायत की है, लेकिन नगर निगम और प्रशासक एक दूसरे पर जिम्मेदारी डाल कर पल्ला झाड़ लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घास की कटाई का जिम्मा नगर निगम और प्रशासन का है, लेकिन वो अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।