पानी की टंकी पर चढ़े बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के कर्मचारी।
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बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी के कांट्रैक्ट कर्मचारी पिछले 50 दिनों से बेमियादी धरने पर बैठे हैं। कोई सुनवाई न होने से निराश होकर बुधवार की दोपहर यूनिवर्सिटी के कर्मचारी दविंदर सिंह, दीपक कुमार व रमेश कुमार पेट्रोल की बोतल लेकर अनाज मंडी स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए है।
इस दौरान साथियों ने भी टंकी के नीचे ही रोष धरना शुरू कर दिया है। खबर लिखे जाने तक जिला प्रशासन की ओर से आंदोलनकारी कर्मियों को मनाने की कोशिश की जा रही थी। बता दें कि कर्मचारी अपनी सेवाओं को स्थायी करने की मांग कर रहे हैं।
साझी मुलाजिम एक्शन कमेटी के सदस्य गुरइकबाल सिंह ने कहा कि वह अपनी सेवाएं स्थायी करने या सुप्रीम कोर्ट की हिदायत अनुसार समान काम और समान वेतन की नीति लागू करने की मांग को लेकर बीती 25 नवंबर से लगातार धरना दिया जा रहा है। धरने के दौरान 15 दिन क्रमिक भूख हड़ताल भी की गई थी और दो बार मरणव्रत भी किया गया।
इस पर जिला प्रशासन ने एक्शन कमेटी की पंजाब सरकार व यूनिवर्सिटी के बोर्ड आफ मैनेजमेंट के साथ चंडीगढ़ में बैठक भी करवाई। इसके बाद भी उनकी सेवाएं स्थायी करने या सुप्रीम कोर्ट की नीति के तहत बराबर काम बराबर वेतन देने की मांग पर कोई गौर नहीं किया गया।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी अपने आप में एक स्वतंत्र संस्था होती है और वह अपने कर्मियों के संदर्भ में अपने स्तर पर फैसला ले सकती है। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर की ओर से सेवाएं स्थायी करवाने के लिए पंजाब सरकार से आदेश लाने की बात कही जा रही है। एक्शन कमेटी ने एलान किया है कि वह मांगें पूरी होने की सूरत में ही संघर्ष वापस लेंगे। इस मौके पर गुरमीत सिंह, विकास अरोड़ा, तरसेम लाल, हरजिंदर सिंह, राजिंदर, बलजिंदर सिंह, रिचा, सपना हाजिर थीं।