चंडीगढ़। साइबर अपराध थाना पुलिस ने 27 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपी को गिरफ्तार किया हैं। सेक्टर-48 के सचिन अग्रवाल की शिकायत पर बीते 17 फरवरी को धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में दर्ज हुआ था। सचिन अग्रवाल को स्टॉक खरीदने और बेचने का झांसा देकर ठगी करने के आरोपी जयपुर से दबोचे गए। शिकायतकर्ता सचिन अग्रवाल ने फेसबुक पर केकेआर इंडिया फाइनेंशियल सर्विसेज का विज्ञापन देखा था। सूजन थॉम्प्सन नामक व्यक्ति ने टेलीग्राम पर शिकायतकर्ता को स्टॉक खरीदने और बेचने के लिए कहा। स्पिन एंड विन गेम के तहत रोजाना शाम को जानकारी से भरे सत्र के दौरान ट्रेडिंग टिप्स और ट्रिक्स तथा छोटे रिवार्ड दिए जाने लगे। इसके बाद शिकायतकर्ता को खाता खोलने को कहा गया। इसके बाद शिकायतकर्ता को इंडियन स्टॉक मार्किट इनसाइट्स 194 नामक ग्रुप में जोड़ा गया। यहां केकेआरएमएफ नामक एंड्रॉयड एप का लिंक दिया गया। अमित चौधरी नामक व्यक्ति ने एप्लीकेशन में फर्जी पंजीकरण करवाने में मदद की वहीं शिकायतकर्ता का खाता खोला गया।
कुल 27 लाख रुपये का चूना लगाया
शिकायतकर्ता को जॉइनिंग बोनस के रूप में 10 हजार रुपये देने का वादा कर फंड ट्रांसफर करने को कहा गया। शिकायतकर्ता ने चार लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद बहकावे में आकर धीरे-धीरे कुल 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद शिकायतकर्ता को बताया गया कि उनका खाता फ्रीज हो गया। इसके बाद पोर्टफोलियो 30 लाख रुपये तक करने के लिए और रकम ट्रांसफर करने को कहा गया। खाता सीज करने की धमकी देने पर शिकायतकर्ता ने सात लाख रुपये और जमा करवा दिए।
बाद में शिकायतकर्ता को पता चला कि वह फंस गया और पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने जानकारी जुटा जयपुर में 31 मार्च को रेड कर जयपुर निवासी मंजीत बुरी (20) को पकड़ा जो एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का प्रोपराइटर था। धोखाधड़ी के उद्देश्य से मंजीत का वह खाता खोलने वाले बैंक अधिकारी जयपुर निवासी आशीष सक्सेना (22) को पकड़ा गया। आशीष के खुलासे पर जयपुर में ही रेड कर हिमांशु गौतम (19) पकड़ा गया। पुलिस ने ठगी के लिए किया गया मोबाइल फोन भी इनेस बरामद किया। पुलिस इनसे पूछताछ में जुटी है।