चंडीगढ़। जिला अदालत ने नौ साल पुराने देह व्यापार मामले में सबूतों के अभाव में तीन आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत में मुख्य गवाह तत्कालीन डीएसपी दीपक यादव की जिरह पूरी न होने का लाभ आरोपियों को मिला। बरी होने वालों में सेक्टर-41 निवासी सुलक्खन सिंह उर्फ सुक्खी, दार्जिलिंग निवासी योगिता तमांग और बलटाना निवासी गुरदर्शन सिंह शामिल हैं। दो महिला आरोपियों को अदालत में पेश न होने पर पहले ही भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। नवंबर 2017 में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आईएसबीटी-43 के पास फर्जी ग्राहक भेजकर गिरोह का पर्दाफाश किया था। कार्रवाई तत्कालीन डीएसपी दीपक यादव की अगुवाई में हुई थी। बाद में उनका तबादला दिल्ली हो गया। सुनवाई के दौरान यादव ने शुरुआती गवाही दी, लेकिन 30 सितंबर 2023 को बचाव पक्ष की जिरह के लिए अदालत में पेश नहीं हुए।