-फरीदाबाद के बीपीटीपी पुलिस स्टेशन के एसएचओ को हाईकोर्ट ने किया तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन बार आदेश के बावजूद जवाब नहीं सौंपने पर हरियाणा पुलिस के रवैए को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार का रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आदेश की अनदेखी करने वाले किसी नरमी के पात्र नहीं होंगे। हाईकोर्ट ने अब अगली सुनवाई पर फरीदाबाद के बीपीटीपी पुलिस थाने के एसएचओ को खुद हाजिर होकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के समक्ष फरीदाबाद निवासी राहुल ने जमानत रद्द होने के फैसले को चुनौती दी थी। याची ने बताया कि उसके खिलाफ 21 जुलाई 2022 को फरीदाबाद में विभिन्न धाराओंं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इस एफआईआर में उसे 16 जनवरी 2023 को जमानत मिल गई थी लेकिन पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर उसकी जमानत रद्द कर दी गई। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे अंतरिम जमानत दे दी थी और जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। इसके साथ ही पुलिस को याची को मिली जमानत के बाद उसके आचरण को लेकर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था। तीन मौके देने के बावजूद इस मामले में जवाब दाखिल न करने पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि कैसे इस प्रकार आदेश की अनदेखी की जा सकती है। इसपर सरकारी वकील ने कहा कि आदेश के बारे में संबंधित अधिकारी को सूचित किया गया था लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि आदेश की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती और ऐसे लोग किसी भी तरह की नरमी के हकदार नहीं है। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर संबंधित एसएचओ को खुद हाजिर होकर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।