चंडीगढ़। स्वीट्जरलैंड के थॉमस करेर और उनकी पार्टनर करीन बुशर ने चंडीगढ़ पर एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म द पावर ऑफ यूटोपिया तैयार किया है। इस फिल्म का पूर्वावलोकन शनिवार को पंजाब कला भवन में हुआ। इसके माध्यम से चंडीगढ़ के प्राचीन को नवीन स्वरूप को प्रदर्शित करने का प्रयास हुआ। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ पर फिल्म बनाने की सोची और इसे पूरा किया। दोनों ने कहा कि यह अपने तरह का तजुर्बा था। थॉमस करेर और करीन बुशर ने बताया कि शहर के कला और संस्कृति से ताल्लुक रखने वाले शख्शियतों दीवान माना, स्वर्गीय गुरचरण चन्नी, दीपिका गांधी, सिद्धार्थ विग के अलावा मनजोत कौर, नवतेज सिंह जौहर, मनमोहन सरीन, एसडी शर्मा, नरिंदर इंटरनेशनल, भरत शर्मा और सुधीर तलवार से बात कर इस डाक्यूमेंटरी को बनाया। चंडीगढ़ ललित कला अकदमी के चेयरमैन दीवान माना ने भी इस डॉक्यूमेंट्री पर विचार साझे किए। थॉमस करेर और करीन बुशर ने बताया कि चंडीगढ़ से काफी लगाव है। अब ऐसा लगता है कि घर आया हूं। उन्होंने कहा कि पहली बार 2015 में चंडीगढ़ आए। डाक्यूमेंटरी बनाने में छह महीने लगे। सड़कोंं पर चलते फिरते लोगों से बात करना शुरू किया। इसके बाद शहर के कला और संस्कृति व अन्य पेशे जुड़े लोगों से मिलते गए। थॉमस करेर फिल्म मेकर है जबकि करीन बुशर सेट डिजाइनर हैं। उन्होंने कहा कि स्वीट्जरलैंड में 10 फ्रैंक के नोट पर चंडीगढ़ का नक्शा है, लेकिन बहुत कम लोग चंडीगढ़ के बारे में जानते हैं।