चंडीगढ़। शहर में चोर धर्मस्थलों को भी निशाना बनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। रामदरबार स्थित गुरुद्वारा साहिब से दो चोर पचास हजार रुपये से भरी गोलक चोरी कर फरार हो गए। हैरत की बात तो यह है कि जिस समय चोर वारदात को अंजाम दे रहे थे, तब पुलिस गुरुद्वारे के बाहर ही मौजूद थी। चोर सीसीटीवी में कैद हो चुके हैं। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। सेक्टर-31 थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। मात्र नौ मिनट में शातिरों ने शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे यह वारदात की।
राम दरबार फेस एक स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान हरमेल सिंह ने बताया कि वीरवार रात गुरुद्वारे को बंद कर दिया था। शुक्रवार सुबह करीब पौने पांच बजे कमेटी के सदस्य तरसेम सिंह गुरुद्वारे पहुंचे तो मुख्य और परिसर वाले दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। अंदर गए तो गोलक गायब थी। इसके बाद वे बराबर में रहने वाले सेवादार के पास गए, लेकिन उनके कमरे की कुंडी बाहर से लगी थी, जबकि सेवादार अंदर थे। फौरन मामले की सूचना कमेटी के अन्य सदस्यों और पुलिस को दी गई। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस जंगल की तरफ गई तो गुरुद्वारा साहिब से करीब 100 मीटर की दूरी पर खाली गोलक मिल गई। इस घटना से गुरुद्वारा कमेटी और सेवादारों में काफी रोष है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस तीन से चार युवकों को हिरासत में लिया है। दावा है कि जल्द ही चोर पकड़े जाएंगे।
सीसीटीवी से मुंह छुपाता दिखा चोर
सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, रात 2.59 बजे दो युवक गुरुद्वारा साहिब में घुसे। उन्होंने पहले मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा, फिर सेवादार के कमरे की बाहर से कुंडी लगा दी। इसके बाद परिसर वाले दरवाजे पर लगे ताले को कटर से काटकर अंदर पहुंच गए। एक चोर सीसीटीवी से बचने के लिए अपने चेहरे को हाथों से छुपा रहा था। दोनों चोरों ने रुपयों से भरी गोलक उठाई और आराम से फरार हो गए।
बाहर युवक कर रहा था रेकी
गुरुद्वारा साहिब कमेटी के सदस्य तारा सिंह ने बताया कि उन्हें शक है कि गुरुद्वारे के बाहर खड़ा युवक रेकी कर रहा था, जबकि उसके साथी अंदर थे। इस दौरान गश्त करती हुई पुलिस वहां से गुजरी तो वह पानी पीने का नाटक करने लगा। हालांकि पुलिस को उस पर शक हुआ और वह उसे पकड़कर थाने ले गई। यह पूरी घटना भी सीसीटीवी में कैद है। पुलिस का कहना है कि बाहर खड़े युवक और उसके परिजनों से पूछताछ की गई है। मामला साफ नहीं हो सका है। पूछताछ जारी है।
दो बार पहले भी हो चुकी है चोरी
प्रधान हरमेल सिंह ने बताया कि इसी गुरुद्वारा साहिब में पहले भी चोरी होती रही है। पहले वर्ष 2008 और 2011 में भी चोरी हुई थी। तब भी चोरों का कुछ पता नहीं चल सका।