चंडीगढ़। शहर में पेयजल आपूर्ति मजबूत करने के लिए निगम ने बुधवार शाम वाटर स्टोरेज क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट का टेंडर कर दिया। अब कजौली वाटर वर्क्स से सप्लाई ठप होने पर भी निगम शहर में पूरे एक दिन तक पेयजल सप्लाई कर सकेगा। टेंडर अलॉट करने में लगभग एक माह का समय लग जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट में निगम के 29 करोड़ व स्मार्ट सिटी के 11 करोड़ रुपये लगे हैं।
निगम कमिश्नर केके यादव ने बताया कि सेक्टर-39 स्थित वाटर वर्क्स में 44 एमजीडी पानी के स्टोरेज की क्षमता थी। कजौली वाटर वर्क्स से मोटर खराब होने के बाद शहर में केवल आधे दिन तक ही पानी की सप्लाई की व्यवस्था थी। इस क्षमता को बढ़ाने के लिए निगम को फंड की जरूरत थी। कुछ निगम ने अपना फंड जुटाया और कुछ स्मार्ट सिटी से ले लिया। मंगलवार को इस प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी दे दी गई। बुधवार शाम को इसका टेंडर लगा दिया। अगले सप्ताह तक टेंडर खुलेगा। टेंडर अलॉट करने में लगभग एक माह का वक्त लग जाएगा। इस प्रोजेक्ट से शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही टैंकरों पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये बचेंगे।
दो साल में तैयार हो जाएगा प्रोजेक्ट, 8 टैंक की बढ़ाई जाएगी क्षमता
फिलहाल वाटर स्टोरेज के लिए सेक्टर 39 वाटर वर्क्स में 8 टैंकर लगे हैं। पहले निगम कुछ टैंकरों की ऊंचाई बढ़ा रहा था और एक नया टैंकर बना रहा था। उसके बाद देखा कि 6 टैंक थोड़ी ऊंचाई पर हैं और 2 टैंक का उपयोग नहीं हो पा रहा था इसलिए चीफ इंजीनियर शैलेंद्र सिंह ने इन टैंकरों को भी अन्य टैंकरों के साथ लाकर सभी टैंकरों की ऊंचाई व चौड़ाई बढ़ाने का निर्णय लिया। इससे निगम की 44 एमजीडी पानी की क्षमता और बढ़ जाएगी। अभी निगम के पास 44 एमजीडी पानी की स्टोरेज की क्षमता है। इस तरह कुल 88 एमजीडी पानी की स्टोरेज के क्षमता हो जाएगी। वर्तमान में शहर में 90 एमजीडी पानी निगम सप्लाई कर रहा है।
गर्मियों में हर साल बढ़ जाती है समस्या
सेक्टर-39 वॉटर वर्क्स से शहर के सेक्टर-12, 26, 32, 37, 52 और मनीमाजरा के दो वॉटर वर्क्स को पानी की सप्लाई होती है। वर्तमान में कजौली वाटर वर्क्स से शहर में छह फेज से 87 एमजीडी पानी की सप्लाई हो रही है। शहर में फिलहाल पानी की खपत 90 एमजीडी है, बकि गर्मियों में डिमांड 125 एमजीडी तक पहुंच जाती है। ऐसी स्थिति में टैंकर से ही पानी की सप्लाई होती है। अगस्त माह में पंप खराब होने से कजौली वाटर वर्क्स के चारों फेज की सप्लाई ठप हो गई थी। इससे शहर में लगभग तीन से चार दिन तक हाहाकार मच गया था। निगम ने अपने 17 टैंकर व 50 किराये पर लेकर सप्लाई करवाई। इसके बावजूद लोगों तक पानी नहीं पहुंच सका था।
सांसद व मेयर ने पानी स्टोरेज के लिए मांगा था 38 करोड़
28 सितंबर को कजौली वाटर वर्क्स से पांचवें व छठवें फेज के पानी सप्लाई के उद्घाटन के समय तत्कालीन मेयर राजेश कालिया ने प्रशासक से अपील की थी कि अतिरिक्त पानी तो आ गया है, लेकिन उसे स्टोरेज करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। जब कजौली वाटर वर्क्स पर कोई खराबी होती है या पाइप लाइन टूटती है तो पेयजल सप्लाई ठप हो जाती है। प्रशासन की ओर से 38 करोड़ का फंड मिल जाए तो यह समस्या भी हल हो जाएगी। उसके बाद सांसद ने गवर्नर से अपील की कि यह फंड उपलब्ध कराया जाए। प्रशासक ने कहा कि विकास कार्य कोई भी अवरुद्ध नहीं होना चाहिए, लेकिन फंड के लिए हां नहीं किया।