चंडीगढ़। नगर निगम व्यावसायिक संपत्ति और शिक्षण संस्थान की संपत्ति के नियमों में संशोधन करने जा रहा है। इस संशोधन से निगम की काफी संपत्तियों का विवाद समाप्त हो जाएगा। वहीं निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। मंगलवार को सदन की बैठक में यह एजेंडा आएगा।
अतिरिक्त आयुक्त अनिल गर्ग का कहना है कि पहले बनाए गए नियमों में पेट्रोल पंप, होटल व अन्य संपत्तियां भी शिक्षण संस्थान वाली श्रेणी में आ रही थीं। अब संशोधन के बाद इन संपत्तियों की श्रेणी स्पष्ट हो जाएगी और कई संपत्तियों से विवाद समाप्त हो जाएगा। बैठक में पानी के दाम कम करने को लेकर भी एजेंडा आएगा। हालांकि इस पर सदन में बवाल होना तय है, क्योंकि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पहले से ही अभियान चला रही है, वहीं भाजपा पार्षदों के घरों के घेराव की योजना पर भी काम कर रहे हैं। ऐसे में दोनों पार्टियों के पार्षदों में टकराव होने की आशंका है।
लाल डोरा के बाहर पानी के कनेक्शन देने पर भी होगी चर्चा
लाल डोरा के बाहर रह रहे लोगों को पानी के कनेक्शन देने को लेकर भी सदन में चर्चा होगी। हालांकि इस मुद्दे के लिए बनाई गई कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि पानी के बिलों को कानूनी दस्तावेज नहीं माना जाएगा। इसके अलावा राणा की हवेली में बहुमंजिला इमारत बनाने, बीयर की कैन पर 5 रुपये गो सेस लगाने, सामुदायिक केंद्र में बदलाव करने, बुड़ैल में सीवर पाइप लाइन डालने के एजेंडे पर चर्चा होगी।