चंडीगढ़। चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) की ओर से बिजली की दरें बढ़ाने के प्रस्ताव का शुक्रवार को बड़ा विरोध होगा। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, व्यापार मंडल समेत अलग-अलग संगठनों के लोग इस प्रस्ताव के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। शुक्रवार को सेक्टर-10 स्थित आर्ट व म्यूजियम गैलरी में बिजली की बढ़ी दरों के प्रस्ताव पर जेईआरसी के अधिकारी सुनवाई करेंगे।
आम आदमी पार्टी के राज्य मीडिया इंचार्ज विक्रांत ए तंवर का कहना है कि पार्टी ने पहले ही बिजली की दरों की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को गलत बताया था। पार्टी की तरफ से वीरवार को पदाधिकारियों की बैठक की जाएगी। इसमें विरोध की नीति पर चर्चा होगी। इससे पहले आम आदमी पार्टी ने इस प्रस्ताव को जनविरोधी करार दिया था। पार्टी का कहना था कि यह बढ़ोतरी घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबारियों, किरायेदारों, सिंगल पेरेंट्स और वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी बड़ा आर्थिक बोझ साबित होगी। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस ने कहा हर स्तर पर विरोध होगा
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने बताया कि इस फैसले का हर स्तर पर विरोध होगा। उन्होंने बताया कि बिजली का निजीकरण करने के दाैरान ही पार्टी ने कहा था कि अब बिजली दरें बढ़ाई जाएंगी। तब कंपनी ने कहा था कि वह बिजली दरें नहीं बढ़ाएगी। पहले यहां बिजली का बुनियादी ढांचा ठीक करेगी लेकिन पहले ही कंपनी ने दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दे दिया है। उन्होंने बताया कि हमने निजीकरण के फैसले के खिलाफ भी 10 दिन तक भूख हड़ताल की थी। पार्टी सड़क से लेकर बाकी जगहों पर विरोध करेगी।
सरकारी व्यवस्था में कंपनी मुनाफे में थी
चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजीव चड्डा का कहना है कि अब तक सरकारी व्यवस्था में कंपनी मुनाफे में थी। निजी हाथों में जाते ही घाटे में कैसे आ गई। मौजूदा समय में सेवाएं खराब हो गई हैं। रेट बढ़ाने की जरूरत नहीं है। कर्मचारी कम कर दिए हैं। पहले अगर बिजली कटती थी तो जल्द ठीक हो जाती थी। अब घंटों कोई नहीं आता है। बिजली रेट बढ़ाने का असर ठीक नहीं होगा।
500 यूनिट पर 166 रुपये अतिरिक्त देना पड़ेगा
सीपीडीएल ने जॉइंट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन को प्रस्ताव भेज साल 2025-26 के लिए बिजली दरें बढ़ाने को कहा है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है तो 500 यूनिट तक के खर्च पर उपभोक्ता को करीब 166 रुपये अतिरिक्त देना पड़ेगा। वर्तमान में 500 यूनिट खपत करने वाले उपभोक्ता को 2182 रुपये का बिल देना पड़ता है लेकिन नई दरों के अनुसार यह बिल बढ़कर 2348 रुपये हो जाएगा, यानी 166 रुपये ज्यादा देना होगा।